West Singhbhum News : गर्भ में नवजात की मौत मामले में आयोग ने छह सप्ताह में रिपोर्ट मांगी

गर्भ में नवजात की मौत मामले में आयोग ने छह सप्ताह में रिपोर्ट मांगी

चक्रधरपुर. पूर्वी सिंहभूम की रहने वाली पूनम दास जो एक गर्भवती महिला थी. उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जुगसलाई में उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए एमजीएम जमशेदपुर लाया गया था. यहां बेड नहीं मिलने के कारण पूनम दास को जमीन पर लेटने को मजबूर हो गई थी. इस तरह उसे 27 घंटा फर्श पर ही रहना पड़ा था. डॉक्टरी चेकअप के बाद पेट में पल रहे बच्चे को मृत घोषित कर दिया था. एमजीएम अस्पताल के गैर जिम्मेदाराना कार्य और अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता का मामला प्रभात खबर में प्रकाशित हुआ था. इसके बाद चक्रधरपुर के मानवाधिकार कार्यकर्ता बैरम खान ने इस मामले को लेकर चेयरमैन मानवाधिकार आयोग दिल्ली, मुख्य सचिव झारखंड सरकार व उपयुक्त पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर को कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा था. मानव अधिकार आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड सरकार के सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और उपायुक्त जमशेदपुर को नोटिस निर्गत किया है. इसमें कहा गया कि अगर सभी संबंधित विभाग 6 सप्ताह के अंदर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराती है तो फिर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 13 का उपयोग करेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ATUL PATHAK

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >