सारंडा के 10 वन ग्रामों को राजस्व गांव बनाने समेत अन्य मांगों पर मुंडाओं ने किया मंथन, जल्द सीएम से मिलने की कही बात

Jharkhand news, Kiruburu news : पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत सारंडा के दीघा पंचायत स्तरीय 10 वन एवं राजस्व गांवों के मुंडा तथा ग्रामीणों की विशेष बैठक थोलकोबाद स्कूल परिसर में आयोजित हुई. इसमें वर्ष 1905 से 1927 के बीच बसे 10 वन ग्रामों के अब तक सर्वांगीण विकास नहीं होने पर चर्चा हुई.

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 7, 2020 3:41 PM

Jharkhand news, Kiruburu news : किरीबुरू (पश्चिमी सिंहभूम) : पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत सारंडा के दीघा पंचायत स्तरीय 10 वन एवं राजस्व गांवों के मुंडा तथा ग्रामीणों की विशेष बैठक थोलकोबाद स्कूल परिसर में आयोजित हुई. इसमें वर्ष 1905 से 1927 के बीच बसे 10 वन ग्रामों के अब तक सर्वांगीण विकास नहीं होने पर चर्चा हुई.

बैठक में सर्वसम्मति से सारंडा के 10 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम बनाने, सारंडा के बेरोजगार युवाओं को स्थानीय खदान जैसे मेघाहातुबूरू, किरीबुरू, गुआ एवं चिड़िया सेल खदानों में स्थायी और अस्थायी नौकरियों में प्राथमिकता देने, आवागमन के लिए सड़क एवं पुलिया का निर्माण करने जैसे पोंगा नाला, होलोंगहोली दोलाई नाला में आरसीसी पुल, कुमडीह पुल, हतनाबुरु पुल, बिटकिलसोया नाला में आरसीसी पुल निर्माण कराने पर चर्चा हुई.

इसके अलावा सारंडा क्षेत्र में विद्युतीकरण के कार्य में बरती जा रही घोर अनियमितता को ठीक कराने एवं बिजली की खुली तार की जगह केबल तार लगाने, तमाम गांवों में स्थित स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था बहाल करने, किरीबुरू से करमपदा- थोलकोबाद होते मनोहरपुर एवं जराईकेला तक तथा छोटानागरा से हतनाबुरू-बालीबा होते थोलकोबाद तक नियमित यातायात सुविधा बहाल करने की बात कही है. वहीं, थोलकोबाद में चिकित्सा एवं 24 घंटे एम्बुलेंस की व्यवस्था, थोलकोबाद में ग्रामीणों की सुविधा के लिए प्रज्ञा एवं बैंक से संबंधित ग्राहक सेवा केंद्र की व्यवस्था, प्रत्येक गांवों में जन वितरण प्रणाली की दुकान की सुविधा आदि की मांग की गयी है.

Also Read: दशरथ मांझी से प्रेरणा लेकर स्कूटी से पत्नी को परीक्षा दिलाने ग्वालियर पहुंचा आदिवासी युवक, अब हवाई जहाज से लौटेंगे झारखंड

ग्रामीणों ने डीसी से आग्रह किया कि वह अपने जिले में योगदान के बाद पहली बार थोलकोबाद में आयोजित जनता दरबार में जो वायदे सारंडा के गांवों का विकास के लिए किये थे वह सब पूरा करायें. ग्रामीणों ने प्रशासन एवं वन विभाग के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि बीते 24 अगस्त को थोलकोबाद में डीसी एवं डीएफओ द्वारा ग्रामीण मुंडाओं के साथ बैठक किया जाना था, लेकिन हमारे साथ बैठक नहीं कर अतिक्रमित गांवों का दौरा किया गया.

अपने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर मुंडाओं का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया है. इस बैठक में दीघा के मुंडा मसीह चरण तोपनो, पूर्व मुंडा नियारण तोपनो, पूर्व मुखिया आलोक तोपनो, बालिबा मुंडा बिनोद होनहागा, कुमडीह मुंडा जानुम सिंह सोय, थोलकोबाद मुंडा गंगाराम होनहागा, तिरिलपोसी मुंडा ब्रजमोहन बंकिरा, बिटकीलसोय मुंडा विमल तोपनो, नयागांव मुंडा बुधराम तोरकोड, रायडीह मुंडा पानुएल खलको, शांतियल भेंगरा, बिरबल गुडि़या, सरगेया अंगारिया, गुमिदा होनहागा, जयमसीह हेरेंज समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल थे.

Posted By : Samir Ranjan.

Next Article

Exit mobile version