गुवा में झामसंसं की बैठक: स्वास्थ्य, आवास और ठेका मजदूरों के मुद्दों पर सेल प्रबंधन घिरा

गुवा सेल प्रबंधन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए झामसंसं ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। जानें पूरी खबर।

प्रतिनिधि, गुवा

झारखंड मजदूर संघर्ष संघ (झामसंसं) के यूनियन कार्यालय में रविवार देर शाम मजदूरों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने की. बैठक में मजदूरों से जुड़े कई लंबित मुद्दों पर चर्चा करते हुए सेल प्रबंधन से शीघ्र समाधान की मांग की गई.बैठक में गुवा सेल अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, अस्पताल एवं शौचालयों की नियमित सफाई, नया एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, मरीजों के भोजन की गुणवत्ता सुधारने तथा मधुमेह (शुगर) के मरीजों के लिए अलग डाइट की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई. इसके अलावा, नया एंबुलेंस उपलब्ध कराने, सफाई कर्मियों की बहाली, अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा लंबित सिविल कार्यों को जल्द शुरू करने की भी मांग की गई. संघ ने बारिश के दौरान मजदूरों के क्वार्टरों में छत से पानी टपकने और गंदा पानी घरों में घुसने की समस्या का स्थायी समाधान करने, इस्को मध्य विद्यालय में एडॉप्ट शिक्षक की नियुक्ति तथा गुवा डीएवी पब्लिक स्कूल में लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के स्थान पर नए शिक्षकों की नियुक्ति की भी मांग रखी.

साथ ही रिट्रेंचमेंट बेनिफिट का बकाया भुगतान, कोबरा सिक्योरिटी गार्डों के लंबित भुगतान, मां सरला कंस्ट्रक्शन में कथित अनियमितताओं तथा कैंटीन और शौचालय की व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. बैठक में ठेका मजदूरों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया. संघ ने आरोप लगाया कि सेल प्रबंधन ने 500 ठेका मजदूरों की बहाली का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक केवल 18 लोगों की नियुक्ति हुई है. ठेकेदारों द्वारा न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान, समय पर वेतन नहीं देना तथा फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान के जरिए मजदूरी निकासी की निष्पक्ष जांच की भी मांग की गई. सेमी-स्किल्ड एवं स्किल्ड श्रमिकों के लंबित भुगतान को भी तत्काल जारी करने की मांग रखी गई. बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने सेल प्रबंधन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि गुवा सेल में भ्रष्टाचार चरम पर है और सीजीएम चंद्रभूषण कुमार इस पर मौन हैं. उन्होंने चिड़िया के दुबिल माइंस में भी प्रबंधन पर मजदूरों के बीच विवाद उत्पन्न करने का आरोप लगाया. बैठक के अंत में रामा पांडे ने चेतावनी दी कि यदि सेल प्रबंधन जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है तो बुधवार को नई कमेटी का गठन कर आंदोलन को तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में विधायक, जनप्रतिनिधि, विभिन्न गांवों के मुंडा-मानकी तथा बड़ी संख्या में मजदूर शामिल होंगे.


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By Sandip K

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