जगन्नाथपुर से संतोष गुप्ता की रिपोर्ट
Elephant Attack: पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत बुढाकमान गांव में मंगलवार देर रात जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई. मृतक की पहचान चंद्र मोहन सिंकु के रूप में हुई है. घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है.
मंगलवार की रात 12:30 गांव में घुसा जंगली हाथी
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 12:30 बजे गांव में जंगली हाथी के घुसने की सूचना मिलते ही ग्रामीण शोर मचाकर उसे भगाने का प्रयास कर रहे थे. इसी दौरान चंद्र मोहन सिंकु अपने घर से कुछ दूरी पर हाथी को देखने के लिए बाहर निकले. तभी अचानक उनका सामना एक दंतैल हाथी से हो गया. हाथी ने उन पर हमला कर अपने पैरों से कुचल दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए.
अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों की मदद से घायल चंद्र मोहन सिंकु को जगन्नाथपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन वन विभाग की ओर से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी नहीं की जा रही है. देर रात हुई इस घटना ने लोगों में असुरक्षा की भावना और बढ़ा दी है.
इसे भी पढ़ें: झारखंड के 48 पुलिस इंस्पेक्टरों का तबादला, पुलिस स्थापना पर्षद की बैठक के बाद की गई तैनाती
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि घटना की सूचना देने के लिए उन्होंने चाईबासा रेंजर, नोआमुंडी फॉरेस्टर और क्षेत्रीय वनरक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया. उन्होंने यह भी बताया कि घटना के समय गांव में बिजली आपूर्ति बाधित थी, जिससे हाथी की मौजूदगी का समय रहते पता नहीं चल सका. उनका कहना है कि यदि बिजली रहती तो संभवतः इस हादसे को टाला जा सकता था. उन्होंने मृतक के परिजनों को शीघ्र मुआवजा, सरकारी सहायता तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
इसे भी पढ़ें: लोहरदगा में आपराधिक घटना की साजिश नाकाम, हथियार के साथ दो अपराधी गिरफ्तार
