शीन अनवर
Chakradharpur Municipal Council Election Result: चक्रधरपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या-18 से नव निर्वाचित वार्ड पार्षद मोहम्मद नूरुद्दीन की जीत की खुशी कुछ ही घंटों में गहरे गम में बदल गई. 27 फरवरी को चाईबासा में मतगणना के दौरान जब उन्हें 18 वोटों के बेहद कम अंतर से जीत की सूचना मिली, उसी समय एक और खबर ने उनके होश उड़ा दिए, उनकी मामी हसीना बेगम (50 वर्ष) का इंतकाल हो गया था. जीत की घोषणा के बाद जहां समर्थक जश्न की तैयारी में थे, वहीं यह दुखद समाचार मिलते ही नूरुद्दीन ने सभी कार्यक्रम तत्काल स्थगित कर दिए. न पटाखे फोड़े गए, न मिठाइयां बांटी गईं और न ही किसी तरह की नारेबाजी की गई.
रात में ही मिली दूसरी बुरी खबर
प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद वे सीधे घर लौट आए और मामी के जनाज़े की तैयारी में जुट गए. परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि उसी रात लगभग 1 बजे एक और दर्दनाक घटना घट गई. उनके मामा मोहम्मद मुख्तार (58 वर्ष), जो अपनी पत्नी के जनाजे के पास बैठकर वजीफा पढ़ रहे थे और दुआ कर रहे थे, अचानक सीने में तेज दर्द महसूस करने लगे. कुछ ही देर में हार्ट अटैक के कारण उनका भी इंतकाल हो गया. पति-पत्नी दोनों की कुछ ही घंटों के अंतराल में मौत की खबर से पूरा शहर स्तब्ध रह गया.
सेहरी के समय तक यह खबर आग की तरह फैल चुकी थी और लोगों का तांता उनके घर पर लग गया. इस हृदयविदारक घटना ने हर किसी को मर्माहत कर दिया. जीत की खुशी में डूबा परिवार एकाएक मातम में डूब गया.
एक साथ निकला दोनों का जनाजा
शनिवार को सुबह 10 बजे मामी हसीना बेगम का जनाजा निकलना तय था, लेकिन मामा के भी इंतकाल हो जाने के कारण समय में बदलाव किया गया. सुबह 11 बजे दोनों का जनाजा एक साथ निकाला गया. आगे-आगे पति और पीछे पत्नी का जनाजा ले जाया जा रहा था. मुस्लिम कब्रिस्तान बांग्लाटांड में दोनों की नमाज-ए-जनाजा अदा की गई और उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया. अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी. हर आंख नम थी और हर जुबां पर दुआएं थीं.
इस खबर ने हमें झकझोर कर रख दिया : मो नूरुद्दीन
वार्ड पार्षद मोहम्मद नूरुद्दीन ने बताया कि मतगणना हॉल में ही मामी के इंतकाल की सूचना मिली. हम लोगों ने तुरंत सभी जश्न के कार्यक्रम रद्द कर दिए और सीधे घर लौट आए. रात करीब 12 बजे मामा से इजाजत लेकर अपने घर गया था, लेकिन थोड़ी ही देर बाद खबर मिली कि रात करीब 1 बजे मामा का भी इंतकाल हो गया. इस खबर ने मुझे, मेरे परिवार और समर्थकों को अंदर तक झकझोर दिया. चक्रधरपुर में इस घटना की चर्चा हर गली-मोहल्ले में है. एक ओर जहां वार्ड 18 में नये जनप्रतिनिधि के रूप में नूरुद्दीन से विकास की उम्मीदें हैं, वहीं निजी जीवन में आई इस दोहरी क्षति ने पूरे शहर को शोकाकुल कर दिया है.
ये भी पढ़ें…
जीत के बाद एक्शन में सरायकेला के नगर अध्यक्ष मनोज चौधरी, जलापूर्ति कराने पहुंचे पीएचडी कार्यालय
झारखंड मेयर चुनाव परिणामों ने राजनीतिक चाणक्यों को चौंकाया, हिल गए दलों के पारंपरिक गढ़
