बंदगांव में पुलिस को बड़ी सफलता, पीएलएफआई नक्सली संजय सोय गिरफ्तार

West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम के बंदगांव में पुलिस ने उग्रवाद विरोधी अभियान के तहत पीएलएफआई नक्सली संजय सोय को गिरफ्तार किया है. 2020 के गंभीर मामले में वांछित आरोपी को गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा गया. पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे चाईबासा जेल भेज दिया है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

बंदगांव से अनिल तिवारी की रिपोर्ट

West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस को उग्रवाद विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता मिली है. लंबे समय से फरार चल रहे पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के नक्सली संजय सोय उर्फ संजय लोहार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी बंदगांव थाना क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान की गई. पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में उग्रवाद के खिलाफ एक अहम कदम माना जा रहा है.

2020 के गंभीर मामले में था वांछित

गिरफ्तार नक्सली संजय सोय (36 वर्ष), पिता स्वर्गीय दाउद सोय, गोवाई गांव (थाना टेबो, जिला पश्चिमी सिंहभूम) का निवासी है. वह बंदगांव थाना कांड संख्या 01/2020 का नामजद अभियुक्त था. उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आर्म्स एक्ट, यूएपी एक्ट और सीएलए एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज था. घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी.

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि संजय सोय बंदगांव क्षेत्र में सक्रिय है. सूचना मिलते ही बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया और आरोपी को दबोच लिया. पुलिस की इस सटीक कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है.

कानूनी प्रक्रिया के बाद भेजा गया जेल

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं. इसके बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए चाईबासा जेल भेज दिया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे भी जांच जारी है और नक्सली नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है.

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उग्रवाद पर लगाम लगाने की दिशा में कदम

जिला पुलिस का कहना है कि उग्रवाद और नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. इस गिरफ्तारी से न केवल पुराने मामलों के निष्पादन में मदद मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में भी सहूलियत होगी. पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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