जयपाल िसंह ने कहा था -आदिवासी ही देश के हैं पहले नागरिक

कांग्रेस भवन चाईबासा में परिचर्चा, जिलाध्यक्ष ने कहा चाईबासा : झारखंड आंदोलन के प्रणेता व आदिवासी महासभा के संस्थापक रहे जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर मंगलवार को कांग्रेस भवन चाईबासा में परिचर्चा का आयोजन हुआ. इसमें कांग्रेस जिलाध्यक्ष सन्नी सिंकु ने कहा मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने संविधान सभा के सदस्य के रूप […]

कांग्रेस भवन चाईबासा में परिचर्चा, जिलाध्यक्ष ने कहा

चाईबासा : झारखंड आंदोलन के प्रणेता व आदिवासी महासभा के संस्थापक रहे जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर मंगलवार को कांग्रेस भवन चाईबासा में परिचर्चा का आयोजन हुआ. इसमें कांग्रेस जिलाध्यक्ष सन्नी सिंकु ने कहा मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने संविधान सभा के सदस्य के रूप में संविधान सभा में 1946 को आदिवासियों के हित की रक्षा में मुखर होकर बोला था. उन्होंने कहा कि आदिवासी ही देश के पहला नागरिक हैं. जिला सचिव त्रिशानु राय ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा झारखंड के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं. चाहे हॉकी टीम के भारतीय भारतीय कप्तान के रूप में हों,
या ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जिताने से राजनीतिक जीवन तक. नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुनित शर्मा ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा ने इंग्लैंड में शिक्षा ग्रहण करने के बाद राजनीतिक जीवन में सबसे पहले उन्होंने झारखंड विषय को 1953 में सदन के पटल पर रखा था. परिचर्चा में संतोष खलको, शैली शैलेन्द्र सिंकु, लक्ष्मण सामड, सनातन विरुवा, संजय विरुवा, छोटा पुरती, शंकर विरुली, मनीष कुमार, अरुप विश्वकर्मा, सुशील कुमार दास, अर्श अली, सुशील कुमार तामसोय, चन्द्रशेखर दास, सूरज निषाद, रामजी शर्मा, विपिन गोप शामिल थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >