फरवरी तक कोल्हान विश्वविद्यालय में पहले लैंग्वेज लैब की होगी स्थापना
टीआरएल विभाग में लैब सेटअप करने की तैयारी में जुटा प्रशासन
करोड़ों की लागत से तैयार होगा लैंग्वेज लैब, भाषाओं की होगी पढ़ाई
चाईबासा : विद्यार्थियों का भाषा पर बेहतर कमांड के लिए कोल्हान विश्वविद्यालय में फरवरी तक पहला लैंग्वेज लैब स्थापित होगी. विवि प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली है. टीआरएल विभाग में करोड़ों की लागत से लैब सेटअप किया जायेगा. यहां सभी भाषा के विद्यार्थी अध्ययन करेंगे. लैब में भाषाओं की ध्वनि को करीब से विद्यार्थी जान सकेंगे. इससे उनके लेखन व मौखिक क्षमता का विकास होगा. विवि के किसी कॉलेज में अबतक लैंग्वेज लैब नहीं है. कुलपति डॉ आरपीपी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से लैंग्वेज लैू के प्रस्ताव को पारित किया जा चुका है. इसके बाद सरकार के पास प्रस्ताव बनाकर भेजा गया. जहां से स्वीकृति मिलने के बाद लैब बनाने पर निर्णय लिया गया है. विवि प्रशासन इसका टेंडर निकाल कर फाइनल कर चुका है.
क्या है लैंग्वेज लैब
लैंग्वेज लैब एक नेटवर्क अनुप्रयोग है, जो आधुनिक भाषा शिक्षण में एक सहायता के रूप में उपयोग किया जाता है. यह पारंपरिक तरीके से शिक्षित करने और अलग भाषा कौशल प्रदान करने में तकनीकी स्रोत है. भाषा प्रयोगशाला मूल भाषा कौशल की पद्धति को विकसित करता है. यह छात्रों को उनके लेखन और मौखिक क्षमता को सही करता है.
विद्यार्थियों को होगा लाभ
यह किसी भी भाषा शिक्षण के लिए डिजाइन उपकरण है
छात्रों की बढ़ती ध्यान अवधि में मदद करता है
छात्रों में सार्वजनिक स्थल पर बोलने के डर को मिटाता है
यह छात्रों में आत्मविश्वास भरता है
विवि में पहली बार लैंग्वेज लैब की स्थापना होगी. इसकी टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है. फरवरी तक लैब स्थापित हो जायेगा. विद्यार्थियों की भाषा सुधार को लेकर विवि यह लैब स्थापित कर रहा है. सभी भाषा के विद्यार्थी लैब का लाभ ले सकते हैं.
-डॉ एससी दास, कुलसचिव, कोल्हान विवि
