ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के लिए अलग-अलग परमिट मिलेगा
परिवहन विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र में यातायात की सुविधा के लिए उठाया कदम
ग्रामीण क्षेत्र के लिए विशेष बसों को परमिट दे रहा विभाग
आठ जनवरी को विभिन्न वाहनों के मालिकों की बैठक होगी
चाईबासा : झारखंड सरकार के परिवहन विभाग ने ग्रामीण बस सेवा का रूट तय कर दिया है. इसे लेकर पश्चिम सिंहभूम के जिला परिवहन पदाधिकारी विनय मनीष आर लकड़ा ने शनिवार को अपने कार्यालय में बस ऑनर्स एसोसिएशन व छोटी गाड़ियों के एजेंटों के साथ बैठक की. उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग ग्रामीण क्षेत्र के लिए विशेष बसों को परमिट दे रहा है. विभाग ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में बस चलाने की योजना बनायी है.
परिवहन विभाग बसों का रूट निर्धारित कर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लिए अलग-अलग बसों को परमिट देगा. ग्रामीण क्षेत्र के लिए परमिट लेने वाली बसों को शहरी क्षेत्र में चलाने की अनुमति नहीं होगी. वहीं छह सीटर व उससे अधिक के छोटे वाहनों को ग्रामीण रूट में चलने के लिए परमिट लेना अनिवार्य होगा. मुख्यमंत्री के निर्देश पर गांव की जनता, छात्र-छात्राओं को एक प्रखंड से दूसरे प्रखंड व अनुमंडल तक पहुंचाने के लिए यातायात की सुविधा प्रदान की जा रही है.
बिना ट्रेड रजिस्ट्रेशन के ई-रिक्शा बेच रहे डीलर: शहर में शुरू हुई ई रिक्शा के लिए चाईबासा के दो डीलरों ने ट्रेड रजिस्ट्रेशन नहीं लिया है. वे बिना रजिस्ट्रेशन के गाडी बेचे रहे हैं. इसके कारण विभाग के पास शहर में चल रही ई रिक्शा की जानकारी नहीं है. डीलर अगर ट्रेड लाइसेंस के लिये आवेदन नहीं करते हैं, तो विभाग कार्रवाई करेगी. चक्रधरपुर के डीलर ने इसके लिए आवेदन किया है. डीटीओ ने कहा चाईबासा और आसपास के इलाकों में ई-रिक्शा सेवा से जुड़े लोगों को जल्द अपने वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराना होगा.
छह सीट व अधिक क्षमता वाले वाहन बिना परमिट नहीं चलेंगे
दक्षिणी छोटानागपुर प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार कोल्हान प्रक्षेत्र ने ग्रामीण बस सेवा संचालन के लिए अनुमोदित व संसूचित मार्गों की सूची जारी की है. इसमें बताया गया कि छह सीट व अधिक क्षमता वाले वाहनों का संचालन बगैर परमिट नहीं किया जा सकेगा. वाहन मालिकों को तय रूट और क्षमता के अनुसार परिवहन करना होगा. आगामी आठ जनवरी को विभिन्न वाहनों के मालिकों की बैठक बुलायी जायेगी. इसमें सबको तय मार्ग व नियम के बारे में जानकारी दी जायेगी.
