नोवामुंडी : विकास योजनाओं में शिथिलता बरतने वाले मुखिया, पंचायत व रोजगार सेवकों को जेल भेजा जायेगा. कार्य में रुचि नहीं है तो नौकरी छोड़ दें. उक्त बात चाईबासा के डीडीसी चंद्र मोहन प्रसाद कश्यप ने गुरुवार को किसान भवन में विकास योजनाएं की आयोजित समीक्षा बैठक में पदाधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहीं. उन्होंने डोभा व प्रधानमंत्री आवास योजनाएं की शिथिलता को लेकर जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो गुदड़ी प्रखंड भेज देंगे.
मुखिया पंसेवक, रोजगार सेवकों को सभी कार्य के लिए मानदेय दिया जाता है. कार्य संस्कृति पैदा करें. टारगेट पूरा करना है. पंचायत प्रतिनिधियों को भी साथ लेकर फिल्ड में जायें. बहाने बाजी नहीं चलेगी. मुखिया व पंचायत सेवक पर दर्ज होगी प्राथमिकी. डीडीसी ने कहा कि 14वें वित्त आयोग के तहत कार्य में अनियमितताएं बरते जाने का तीन मामला प्रकाश में आया है. जांच हो गयी है. आगे की कार्रवाई करनी है. उस पर प्राथमिकी दर्ज होगी. योजना में गड़बड़ी कर आवंटित राशि का गबन पर कानूनी कार्यवाही तय है. उन्होंने कहा कि पुराने मेट की छवि खराब हो गयी थी. अब महिला मेट को विकास कार्यों में मौका दिया गया है.
कार्य कराने में कितने सक्षम है. काम की प्रगति से ही पता चलेगा. प्रखंड के 18 पंचायतों की पारी-पारी कर विकास योजनाएं की समीक्षा की गयी. मौके पर बीडीओ अमरेन डांग, बीपीओ निरंजन मुखी, बीडब्लुओ रवींद्र कुमार सिंहदेव, जेई मनोज पासवान, मुखिया पुतुल पूरती, रैवती पूरती, पर्वती किड़ो, रानी तिरिया, राजा तिर्की, तुलसी चतोंबा समेत पंसेवक, रोजगार सेवक, एसएसजी, स्वयं सेवी संस्था समेत अनेक शामिल थे.
