हाटगम्हरिया : लकड़ी चोरी की सूचना पर कार्रवाई के लिए गयी वनकर्मियों की टीम पर कुछ लोगों ने तीर-धनुष व पत्थर से हमला कर दिया. इसमें एक वनकर्मी घायल हो गये. इस मामले में वनपाल ने हाटगम्हरिया थाने में तीन नामजद व 20-25 अज्ञात लकड़ी तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी है.
एफआइआर में हाटगम्हरिया वन प्रक्षेत्र के वनपाल दशरथ सिंह सरदार ने बताया है कि लकड़ी चोरी की सूचना पर उनके नेतृत्व में तीन वनरक्षियों के साथ 18 दिसंबर की सुबह साढ़े सात बजे कार्रवाई की गयी. वहां लकड़ी तस्करों ने तीर-धनुष ने वन विभाग की टीम पर हमला किया. पत्थरबाजी की. लकड़ी तस्कारों के हमले में वनरक्षी सिदिऊ होनहागा जख्मी हो गये. वन विभाग की टीम के साथ मारपीट की. वनपाल ने बताया कि उन्होंने ने हाटगम्हरिया थाने को फोन से सूचना दी. थोड़ी देर में हाटगम्हरिया थाना पुलिस पहुंची. यह देख लकड़ी तस्कर अपना तीर-धनुष छोड़कर भाग गये. इस मामले में वनपाल ने रुइया टोला के रूप सिंह हेंब्रम, सुलबु बोदरा, गाने लागुरी के साथ 20 से 25 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कराया है.
किरीबुरु : किरीबुरु वन विभाग की टीम ने रविवार की रात करीब ढाई बजे सारंडा के सैंडल-कुमडीह फॉरेस्ट मार्ग पर दो कैंपर जीप को पकड़ा. इसमें करीब दो लाख रुपये के 176 पीस साल व बीजा की कीमती लकड़ी जब्त किया. वहीं दो तस्कर मो इस्राइल (पिता- मो रफीक, मुसलिम बस्ती, चंपुआ) और सिराजुल (पिता- उस्मान, अलीनगर, चंपुआ) को दबोचा. हालांकि, अंधेरे का लाभ उठाकर दोनों वाहन के चालक फरार हो गये. इनमें इम्ब्रोज (ग्राम- खड़पोस, मझगांव) और एक अज्ञात शामिल हैं.
तस्करों के अनुसार लकड़ी सारंडा के कुमडीह क्षेत्र के जंगल से तस्करी कर ओड़िशा के चंपुआ लेकर जाना था. लकड़ी तस्करों का सरगना अमजद व बाबू (खड़पोस, मझगांव) है. चंपुआ में रहकर लकड़ी की तस्करी करता है. पकड़े गये दोनों तस्कर अमजद व बाबू के लिए लंबे समय से करते आ रहे हैं. इनके पास से तीन मोबाइल व दो डायरी मिली है. इसमें सारंडा में लकड़ी की चिराई कर तस्करों को बेचने वाले ग्रामीण मजदूरों के नाम व पता के साथ लेन-देन का हिसाब लिखा है. अभियान में फॉरेस्टर अशोक राम, मनोज माझी, रोयन गुड़िया, सुनील चाम्पिया, मनोज पूरती, नकुल चंद्र जेना शामिल थे.
वाहन के आगे व पीछे लगे थे अलग-अलग नंबर प्लेट: जब्त वाहनों में फर्जी नंबर प्लेट लगाये गये थे. इनमें एक वाहन के आगे व पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट लगे थे. आगे ओआर 09 के-7266 और पीछे ओआर 09 एन-5413 नंबर प्लेट लगा था. वहीं दूसरे वाहन में ओडी 09 ए-3532 नंबर प्लैट लगा था.
