डीआरएम ने डांगुवापोसी में रेल क्षेत्र का किया निरीक्षण, संवेदक को चेताया
विशेष सैलून से सुबह आठ बजे पहुंचे डांगुवापोसी
निरीक्षण के बाद सुबह 10 बजे वापस लौट गये
डांगुवापोसी : चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम राजेंद्र प्रसाद विशेष सैलून से मंगलवार की सुबह 8 बजे डांगुवापोसी पहुंचे. उन्होंने कैरेज एंड वैगन के सीक लाइन में निर्माणाधीन आरओएच शेड का निरीक्षण किया. उन्होंने पाया कि शेड निर्माण कार्य घटिया स्तर पर किया जा रहा है. उन्होंने निर्माण कार्य करा रहे कॉन्ट्रैक्टर को फटकार लगायी. चेताया कि कार्य सही नहीं हुआ, तो भुगतान रोक दिया जायेगा. इसके बाद डीआरएम क्रू एंड लॉबी का निरीक्षण करने पहुंचे. यहां की समस्याओं से अवगत हुए. डांगुवापोसी रेलवे प्लेटफॉर्म का निरीक्षण किया. इस दौरान सफाई के साथ अन्य सुविधा का जायजा लिया. सुबह 10 बजे मंडल रेल प्रबंधक अन्य पदाधिकारियों के साथ रवाना हो गये.
दूसरे दिन नहीं चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
डांगुवापोसी रेल क्षेत्र में मंगलवार को दूसरे दिन अतिक्रमण हटाओ अभियान साप्ताहिक हाट होने के कारण नहीं चला. हालांकि सोमवार को तोड़ी गयीं दुकानों का सामान मंगलवार को दुकानदार ले जाते दिखायी दिये. रेलवे कॉलोनी में लगभग 2000 कर्मचारी रहते हैं. दुकानें तोड़े जाने से गरीब दुकानदारों के समक्ष आमदनी का संकट गहरा गया है. गुमटी दुकानदार दिव्यांग सुरेश खिलार के समक्ष पांच बच्चे व पत्नी के गुजारे की समस्या उत्पन्न हो गयी है. वह रोजाना हाथ रिक्शा चलाकर अपने दुकान तक पहुंचता था. इसी दुकान से होने वाली आमदनी से उसकारिवार चल रहा था.
अतिक्रमण मामले में डीआरएम से मिलीं विधायक
डांगुवापोसी रेल क्षेत्र में चले अतिक्रमण हटाओ अभियान से प्रभावित दुकानदारों से मंगलवार को जगन्नाथपुर विधायक गीता कोड़ा मिलीं. विधायक ने चक्रधरपुर के डीआरएम से भेंटकर दुकानदारों की समस्याएं रखी. प्रभावित दुकान मालिकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था देने की मांग की. डांगुवापोसी में रेलवे की ओर से मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने की मांग की. मौके पर सीनियर डीएफएम, डीएमइ, डीएसटी, डीओएम, डीइएन, इएन, एआरएम, एएमइ, एडीएसटी, ओसी आरपीएफ, जीआरपी, समाजसेवी भरत गोप, कादिर अली, सिन्हा सामड, रवि दास, मुकेश सिंह, साजन बेहरा, मो. अब्बु सहित अन्य उपस्थित थे.
दुकानदारों को दिया गया नोटिस, 63 दुकानें हटेंगी
आइओडब्ल्यू डी प्रधान ने कहा 15 दिन पहले दुकानदारों को रेलवे की जमीन से दुकान हटाने को कहा गया था. इसे लेकर नोटिस भेजा गया था. माइक से सूचना भी दी गयी थी. राजस्व की हानि हो रही थी. अभी 35 दुकानें हटे व हटाये गये हैं. कुल 63 दुकानें हैं. बाकी को विभागीय आदेशानुसार हटाया जायेगा. 64 दुकान विभाग को रेंट देते है. इनमें से कई का रेंट बकाया है. वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी मुझे नहीं है.
ऊंची कूद में वीर सिंह व सुनीता दोराइबुरू प्रथम
