50 बच्चों की तबीयत बिगड़ी उमवि जारकी शिमलाबाद.मध्याह्न भोजन में लापरवाही

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय जारकी शिमलाबाद में बुधवार को मध्याह्न भोजन खाने के कुछ देर बाद बच्चों को उल्टी होने लगी. आनन-फानन में ग्रामीणों ने करीब 50 बच्चों को तत्काल अनुमंडल अस्पताल लाया. जहां डॉक्टर पी प्रधान ने बच्चों की बारी-बारी से इलाज किया. कक्षा एक के श्रीराम प्रधान, कक्षा तीन […]

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय जारकी शिमलाबाद में बुधवार को मध्याह्न भोजन खाने के कुछ देर बाद बच्चों को उल्टी होने लगी. आनन-फानन में ग्रामीणों ने करीब 50 बच्चों को तत्काल अनुमंडल अस्पताल लाया. जहां डॉक्टर पी प्रधान ने बच्चों की बारी-बारी से इलाज किया. कक्षा एक के श्रीराम प्रधान, कक्षा तीन की मानू नायक, गुरुवारी नायक, कक्षा चार की प्रिया प्रधान, पांच की करीना प्रधान, पंकजनी प्रधान व अवंती प्रधान, कक्षा छह की पंकज नायक तथा कक्षा सात की बैरागी नायक की तबीयत ज्यादा बिगड़ने से अनुमंडल अस्पताल में इलाज कराया गया.

नमक समझ बच्चों ने खा लिया वाशिंग पाउडर: रसोइया
माता समिति की रसोइया निरांद्री देवी, ललित देवी व प्रमिला देवी ने बताया कि उन्होंने खाना बना कर करीब 01:15 बजे बच्चों को कतार में खाना परोस रहे थे. नमक व वाशिंग पाउडर एक ही स्थान पर था. बच्चे समझ नहीं पाये, कुछ ने नमक ले लिया तो कुछ ने चावल में वाशिंग पाउडर मिला कर खा लिया. जिससे बच्चों की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गयी. इसके बाद बाकी बच्चों ने खाना नहीं खाया. प्राचार्या कुनूर मंजरी व दो सहायक शिक्षक पूर्ण चंद्र उरांव व पारा शिक्षक देवेंद्र प्रधान बच्चों के साथ अस्पताल पहुंचे. सूचना मिलने के बाद बीइइओ तेजिंदर कौर ने बच्चों की स्थिति जानने अस्पताल पहुंची. चिकित्सकों ने जांच करने के बाद बच्चों को दवा देकर छोड़ दिया गया.
मध्याह्न भोजन खाने के बाद इन बच्चों की तबीयत खराब हुई थी.
बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर फेंक दिया गया भोजन
उत्क्रमित मध्य विद्यालय जारकी शिमलाबाद में बुधवार को 160 बच्चों का खाना बना था. वाशिंग पाउडर खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर अनाज को फेंक दिया गया. करीब 20 किलो चावल बना था. सभी दाल, भात व सब्जी को फेंका गया.
लापरवाही से घटी घटना : तेजिंदर कौर
प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी तेजिंदर कौर ने कहा कि लापरवाही से इस तरह की घटना घटी है. नमक व वाशिंग पाउडर एक ही स्थान पर नहीं रखना चाहिये. उन्होंने स्कूल की प्राचार्या श्रीमती भेंगरा को सजग रहने का सख्त निर्देश दिया, ताकि इस प्रकार की घटना दूबारा न घटे.
खाना में नहीं मिला था वाशिंग पाउडर : एचएम
स्कूल के प्रधानाध्यापक कुनूर भेंगरा ने कहा कि भोजन में वाशिंग पाउडर नहीं मिला था. बच्चे नमक व वाशिंग पाउडर की पहचान नहीं कर पाये. नमक की जगह वाशिंग पाउडर खाने से बच्चों की तबीयत बिगड़ी.

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