संस्कृति बचाने के लिए एकजुट हों आदिवासी: कृष्ण

जगन्नाथपुर: बड़ानंदा गांव में बुधवार को आदिवासी हो समाज महासभा ने आदिवासी नववर्ष (जोम स्वीयम) धूमधाम से मनाया. इसमें 12 गांव के आदिवासी शामिल हुए. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हो समाज महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्ण चंद्र बोदरा व विशिष्ठ अतिथि समाज के उपाध्यक्ष भूषण पाट पिंगुवा उपस्थित थे. नेताद्वय ने आदिवासी संस्कृति को बचाने […]

जगन्नाथपुर: बड़ानंदा गांव में बुधवार को आदिवासी हो समाज महासभा ने आदिवासी नववर्ष (जोम स्वीयम) धूमधाम से मनाया. इसमें 12 गांव के आदिवासी शामिल हुए. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हो समाज महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्ण चंद्र बोदरा व विशिष्ठ अतिथि समाज के उपाध्यक्ष भूषण पाट पिंगुवा उपस्थित थे. नेताद्वय ने आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए समाज से अपील की. आदिवासी की अशिक्षा व अज्ञानता का लाभ उठाकर कुछ लोग हमारी संस्कृति को नष्ठ करने पर तुले हैं.

प्रलोभन व झांसे में आकर धर्म परिवर्तन जैसा महापाप नहीं करना है. नशा खोरी से दूर रहें. नशा अपराध का जड़ होता है. नशा के कारण आपसी अापराधिक घटनाएं बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि बिखरे समाज को एकसूत्र में बांधकर समाज को मुख्यधारा से जोड़ना होगा. इस दौरान बालिकाओं का अन्तरजातीय विवाह पर रोक लगाने पर जोर दिया. इसके लिए नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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