संवैधानिक ग्राम प्रशासन व्यवस्था बहाली की मांग बुलंद

चाईबासा : ईचा डैम स्थल पर सोमवार को कोल्हान पोड़ाहाट विस्थापन प्रतिरोधी आदिवासी जनसंगठन व ईचा खडकई बांध विरोधी संघ के संयुक्त तत्वावधान में कोल्हान दिवस मनाया गया, इसके उपरांत एक सभा का आयोजन किया गया था. सभा को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता मुकेश बिरु वा ने कहा की अपने जल, जंगल […]

चाईबासा : ईचा डैम स्थल पर सोमवार को कोल्हान पोड़ाहाट विस्थापन प्रतिरोधी आदिवासी जनसंगठन व ईचा खडकई बांध विरोधी संघ के संयुक्त तत्वावधान में कोल्हान दिवस मनाया गया, इसके उपरांत एक सभा का आयोजन किया गया था.

सभा को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता मुकेश बिरु वा ने कहा की अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा में हमारे पूर्वजों ने जब हथियार उठाया व जान की बाजी लगा कर भी हार नहीं मानी तब अंग्रेजों ने आज ही के दिन 1833 में बंगाल रेगुलेशन 13 सन 1833 अधिनियम को लागू किया था.

तब आदिवासी इलाकों को अपनी परंपरागत स्वशासन व्यवस्था के अधीन ही रहने दिया गया था. सुरेन्द्र बुड़ीउली, दासकन कुदादा, मधुसुदन मरला ने कहा की विकास के नाम पर सिर्फआदिवासियों का विनाश की रणनीति पर काम हो रहा है. इसे हम और बर्दास्त नहीं करेंगे.

झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो व मझगांव विधायक बड कुंवर गागराई का पुतले को तीर से छलनी व फूंकर अपना गुस्सा उतारा.

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