नगर पर्षद ने प्रशासन को दिया 10 दिन का अल्टीमेटम
चाईबासा : राजस्व वसूली के नफा-नुकसान का आकलन के बाद वित्तीय संकट से परेशान नगर पर्षद की बेचैनी परिसम्पत्तियों का हक पाने को लेकर बढ़ गयी है. चाईबासा में चार परिसंपत्तियों से सालाना लगभग 15 लाख रुपये का राजस्व प्रशासन वसूल करता है, इस राशि पर अब नगर पर्षद की नजर ठहर गयी है.
इसके लिए नगर पर्षद की टीम प्रशासन से टकराव लेते तक को तैयार है. इसके लिए बकायदा नगर पर्षद अध्यक्ष नीला नाग की अगुवाई में शनिवार को बैठक कर रणनीति को अंतिम रूप दिया गया.
नगर पर्षद ने बैठक के बाद उपायुक्त को पत्र भेजकर दस दिनों के भीतर सभी परिसंपत्तियों का हस्तांतरण करने को कहा है. इस पत्र में प्रशासन को यह स्पष्ट चेतावनी दी गयी है कि निर्धारित अवधि में हक नहीं मिलने पर नगर पर्षद अध्यक्ष नीला नाग की अगुवायी में वार्ड पार्षद एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेंगे. नगर पर्षद अध्यक्ष द्वारा डीसी को भेजे गये पत्र में दस वार्ड पार्षदों के हस्ताक्षर है.
बोर्ड के प्रस्ताव का दिया गया हवाला
नगर पर्षद की पिछली बोर्ड ने भी परिसंपत्ति पर हक देने के लिए जिला प्रशासन को लिखा था. नया बोर्ड ने गठन के बाद 13 .5.2013 की बैठक में प्रस्ताव संख्या-14 के तहत प्रशासन से परिसंपत्तियां वापस लेने का निर्णय लिया गया. यह जानकारी उपायुक्त को दी गयी थी.
लेकिन छह माह बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है. बताया जा रहा है कि सभी परिसंपत्तियां पिछले दस सालों से नगर पर्षद के नियंत्रण में नहीं है. इसके कारण लगातार नगर पर्षद के राजस्व का नुकसान हो रहा है.
