नोवामुंडी : पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त अबुबकर सिद्दीख पी ने नोवामुंडी प्रखंड का बुधवार को निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उइसिया के ग्रामीणों ने मलेरिया से चार बच्चों की मौत की सूचना उपायुक्त को दी.
इस सूचना से भौंचक उपायुक्त ने सिविल सजर्न से अविलंब उइसिया गांव में मेडिकल टीम भेजने का निर्देश दिया.
यहां पहुंचे उपायुक्त ने दोपहर को गांव–गांव में चल रहे मनरेगा कार्य का भौतिक सत्यापन किया. साथ ही कोटगढ़ पंचायत के उइसिया गांव में मनरेगा योजना से कार्यान्वित मिट्टी मुरुम सड़क का निरीक्षण किया. इसमें मजदूरों को पोस्टऑफिस के माध्यम से समय पर मजदूरी नहीं मिलने पर डीसी ने पोस्टमास्टर को मनरेगा के जॉब कार्ड धारियों को समय पर मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया को सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया.
डीसी ने मनरेगा स्थल पर मेडिकल किट्स रखने समेत मनरेगा के प्रावधान को योजना स्थल पर लागू करने के बारे में ग्रामीण व मेट से जानकारी ली. साथ ही स्वास्थ्य व शिक्षा व आंगनबाड़ी केंद्र की अद्यतन स्थिति के बारे में डीसी ने ग्रामीणों से पूछताछ की. ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी सेविका पर गर्भवती, धात्री को समय पर निर्धारित मात्र में पोषाहार का वितरण नहीं करने की शिकायत की. उन्होंने कहा कि उइसिया गांव में एक मिनी आंगनबाड़ी केंद्र खोला जाये.
निर्माण में गड़बड़ी पर शिक्षक जायेंगे जेल
ग्रामीणों की शिकायत पर उपायुक्त ने उइसिया उत्क्रमित मध्य विद्यालय का निरीक्षण किया. इसमें भवन निर्माण में बालू व सीमेंट का मिश्रण प्राक्कलन के मुताबिक नहीं किये जाने पर हेडमास्टर किरण चांपिया को जम कर फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि भवन निर्माण में गड़बड़ी हुई तो जेल जायेंगे. विद्यालय में शिक्षकों के न आने की शिकायत पर उन्होंने किरण चांपिया की जम कर क्लास ली. साथ ही नामांकित 260 बच्चों में उपस्थित 47 बच्चे थे.
इसके बावजूद डीसी द्वारा पूछे जाने पर शिक्षक किरण चांपिया ने औसत उपस्थिति 215 दर्शाया गया. जिससे उपायुक्त ने नोवामुंडी के बीडीओ को विद्यालय का नियमित औचक निरीक्षण का निर्देश दिया.
बारिश में छाता लगा कर डीसी ने किया निरीक्षण
उइसिया में निरीक्षण के दौरान बारिश होने लगी. इस बीच उपायुक्त ने छाता लगा कर योजनाओं का भौतिक सत्यापन किया. इस मौके पर जगन्नाथपुर के एसडीओ जय किशोर प्रसाद, बीडीओ अजय तिर्की, उपेंद्र कुमार, रवींद्र बिरुवा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
