छपरा (सदर) : मशरक प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय गंडामन में पढ़नेवाले 23 मासूम बच्चों को विषाक्त भोजन खिलाये जाने के मामले की जांच सीबीआइ से करायी जाये. इस पूरे मामले में प्रधानाध्यापिका की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है.
ये बातें, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्यस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करनेवाले राज्य सचिव राजेंद्र प्रसाद सिंह ने गंडामन गांव में मृतकों के परिजनों व आसपास के लोगों से बातचीत के बाद छपरा लौटने पर पत्रकारों से कहीं. उन्होंने कहा कि नियमानुसार सर्वप्रथम प्रधानाध्यापिका को भोजन करना चाहिए.
परंतु, प्रधानाध्यापिका द्वारा अपने चावल एवं माड़ का उपयोग खाने के लिए किया गया, जबकि शेष बच्चों को विषाक्त सब्जी खिलाने के लिए परोसा गया. उन्होंने कहा कि मंगलवार को गांव के बच्चों को पुस्तक वितरण के नाम पर बुलाया गया था. परंतु, जहरीली सब्जी उनके भोजन में एक साजिश के तहत देकर मौत की नींद सुलाने की घटना को अंजाम दिया गया.
सुशासन की सरकार कही जानेवाली जदयू सरकार का एक भी मंत्री घटना के बाद से अब तक पीड़ित परिवार के लोगों को ढाढ़स बंधाने नहीं पहुंचा है. पीड़ितों परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा व एक–एक सदस्य को सरकारी नौकरी नौकरी देने की मांग की गयी. प्रतिनिधिमंडल में राज्य परिषद के सदस्य जब्बार अहमद, बच्चन प्रभाकर, चुल्हन प्रसाद सिंह, रामबाबू सिंह शामिल थे.
