अस्पताल से गायब थे डॉक्टर, इलाज के अभाव में जच्चा और बच्चा की मौत

डॉक्टर की अनुपस्थिति में एएनएम कर रही थी इलाज, स्थिति बिगड़ने पर किया चाईबासा रेफर चाईबासा से चिकित्सकों ने जमशेदपुर भेजा, रास्ते में तोड़ा दम नोवामुंडी : समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण जेटेया पंचायत के दिऊरी साई के सुरा पूर्ति की पत्नी व उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गयी. […]

डॉक्टर की अनुपस्थिति में एएनएम कर रही थी इलाज, स्थिति बिगड़ने पर किया चाईबासा रेफर

चाईबासा से चिकित्सकों ने जमशेदपुर भेजा, रास्ते में तोड़ा दम
नोवामुंडी : समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण जेटेया पंचायत के दिऊरी साई के सुरा पूर्ति की पत्नी व उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गयी. प्रसव पीड़ा होने पर उसे जेटेया अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था. यहां अस्पताल में चिकित्सक के नहीं रहने के कारण एएनएम ने गर्भवती का इलाज करने में खुद को असमर्थ बताते हुए उसे चाईबासा रेफर कर दिया था. चाईबासा सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने उसकी स्थिति देख जमशेदपुर रेफर कर दिया. यहां से परिजन उसे टीएमएच लेकर गये. पर वहां डॉक्टरों ने जच्चा व बच्चा दोनों को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के अनुसार रास्ते में ही दोनों की मौत हो गयी थी. घटना बुधवार की है.
जर्जर हो गया है जेटेया अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र
जेटेया अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र पर तीन पंचायतों के लगभग 18 हजार ग्रामीणों का बोझ है. अस्पताल भवन काफी जर्जर हो गया है. छत से पानी टपकता है. ग्रामीण रमेश चंद्र तिरिया और सामाजिक कार्यकर्ता गुरुचरण तिरिया, सुरा तिरिया ने बताया, चिकित्सक अस्पताल से गायब रहते हैं. स्वास्थ्य केंद्र एएनएम के भरोसे चलता है.
नॉर्मल डिलेवरी में एएनएम ही प्रसव कराती है. स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं की कमी के कारण गर्भवती को रेफर किया गया था.
डॉ धर्मेंद्र कुमार, चिकित्सा प्रभारी, बड़ाजामदा

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