चाईबासा : झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के बैनर तले एसीसी कंपनी झींकपानी के करीब 400 मजदूर सहायक श्रमायुक्त (केंद्रीय) से गुरुवार को उनके कार्यालय में मिले. इस दौरान मजदूरों ने कंपनी पर शोषण करने का आरोप लगाते हुए अपनी समस्याअों को रखा. कहा कि कंपनी मेडिकल के नाम पर मजदूरों की छंटनी रही है. जबकि मशीनीकरण को बढ़ावा देकर स्थानीय ठेका मजदूरों को हटा रहा है. बताया कि मजदूरों ने यूनियन के बैनर तले मजदूरी 800 रुपये की मांग को लेकर पूर्व में भी 27 जून को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कंपनी में की थी, बावजूद प्रबंधन मनमानी पर उतारू है.
इसे लेकर मजदूर फिर से 9 व 10 अगस्त को दो दिवसीय हड़ताल पर जाने वाले है. लेकिन प्रबंधन ने मजदूरों को हड़ताल में जाने पर आठ दिन की हाजिरी काटने की नोटिस चस्पा कर दिया है. प्रबंधन के दबाव में ठेकेदारों द्वारा हड़ताल पर नहीं जाने की धमकी दी जा रही है. जबकि सभी मजदूरों ने एकजुटता दिखाते हुए दो दिवसीय हड़ताल करने का निर्णय लिया है. वार्ता के बाद आवेदन की प्रति पीएम, श्रमायुक्त नयी दिल्ली, मुख्य सचिव झारखंड सरकार, उपायुक्त चाईबासा पुलिस अधीक्षक चाईबासा, एसडीओ सदर, सहायक श्रमायुक्त को भेजा दिया. मौके पर जिला सचिव माधव चंद्र कुंकल, जिला उपाध्यक्ष नरेश सुंड़ी, मटा कारवा, मंत्री बारी, अरुण कुम्हार, दुबी हेंब्रम, बनमाली लुगुन, सोनाराम सवैया, मोहन बलमुचु मौजूद थे.
