कोल्हान विवि. सत्यम बिल्डर्स कर रहा है निर्माण कार्य
प्रभात खबर में छपी खबर पर केयू प्रशासन ने की जांच
चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय परिसर में 6 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन ऑडिटोरियम कम गेस्ट हाउस (मल्टी परपस हॉल) के सभी कमरों की दीवारों पर दरारें ही दरारें हैं. वहीं ऑडिटोरियम में लगने वाले इलेक्ट्रिक उपकरणों की गुणवत्ता पर भी ध्यान नहीं दिया गया है. इतना ही नहीं फर्श पर लगे टाइल्स भी एक-एक कर उखड़ने लगे है. इसका खुलासा प्रभात खबर में ‘केयू के भवन निर्माण कार्यों में अनियमितता से संबंधित प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए विश्वविद्यालय द्वारा की गयी जांच में हुआ है. विवि के सीसीडीसी जेपी मिश्रा ने संवेदक के साथ गुरुवार को ऑडिटोरियम का निरीक्षण किया था,
जिसमें कई खामियां सामने आयी. दरअसल विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम कम गेस्ट हाउस का काम विवि द्वारा सत्यम बिल्डर्स को दिया गया था. वहीं बिल्डर द्वारा ऑडिटोरियम के निर्माण में घोर अनिमियता बरती जा रही है. इस कारण भवन की दीवार पर दरारें व सीलन नजर आने लगी है.
सत्यम बिल्डर्स को जारी हाेगी नोटिस
निरीक्षण में ऑडिटोरियम में पायी गयी खामियों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन भवन का निर्माण कर रहे सत्यम बिल्डर्स को जल्द ही नोटिस जारी करेगा. इस संबंध में विवि के सीसीडीसी जेपी मिश्रा ने बताया कि भवन का निर्माण करा रहे बिल्डर को घटिया निर्माण के संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा नोटिस भेजा जायेगा. इसमें डीपीआर के अनुसार निर्माण कार्य में सुधार लाने की हिदायत दी जायेगी. कहा कि भविष्य में आर्किटेक्ट के माध्यम से भी दोबारा भवन की जांच की बात कही.
सेंट्रलाइज्ड एसी की गुणवत्ता पर भी विवि चिंतित : केयू परिसर में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम में 580 लोगों की बैठने की व्यवस्था है. वहीं ऑडिटोरियम में सेंट्रलाइज्ड एसी का काम चल रहा है. इस संबंध में सीसीडीसी ने बताया कि ऑडिटोरियम में बिल्डर द्वारा इस्तेमाल किये गये इलेक्ट्रिक उपकरणों की गुणवत्ता को देखते हुए ऑडिटोरियम में लगने वाले सेंट्रलाइज्ड एसी की गुणवत्ता को लेकर भी विवि चिंतित है. इसके लिए भी विवि एसी की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिए सत्यम बिल्डर्स को पत्र जारी कर सकता है.
कमरों में लोकल कंपनी के इलेक्ट्रिक उपकरणों का हो रहा उपयोग, वायरिंग भी घटिया
सस्ते इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग
ऑडिटोरियम में इस्तमाल हो रहे इलेक्ट्रिक उपकरण की गुणवत्ता पर भी सत्यम बिल्डर्स द्वारा ध्यान नहीं दिया गया है. ऑडिटोरियम में ब्रांडेड इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने की हिदायत बिल्डर को दी गयी थी. बावजूद ऑडिटोरियम के कमरों में सस्ती लोकल कंपनी के स्विच बोर्ड लगाये गये हैं. साथ ही ऑडिटोरियम में वायरिंग आदि का काम भी घटिया स्तर का किया गया है. इस कारण ऑडिटोरियम के इलेक्ट्रिक वर्क की गुणवत्ता से विश्वविद्यालय के अधिकारी नाखुश हैं.
प्लास्टर ऑफ पेरिस से दरार छुपाने की कोशिश
ऑडिटोरियम कम गेस्ट हाउस के पहले तल्ले पर अतिथियों के ठहरने के लिए 10 कमरों का गेस्ट हाउस बनाया गया है. इस गेस्ट हाउस में शोध कार्यों से संबंधित कार्यक्रम व संगोष्ठियों के लिए आने वाले अतिथियों को ठहराया जायेगा. लेकिन निर्माण पूरा होने के पूर्व ही ऑडिटोरियम में बने गेस्ट हाउस के प्रत्येक कमरों की दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गयी हैं. कई कमरों में फर्श पर लगे टाइल्स भी उखड़ने लगे है. जिसे बिल्डर द्वारा प्लास्टर व पेरिस पोत कर छिपाने की कोशिश की जा रही है.
