चक्रधरपुर : भारतीय रेल में समपार फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष संरक्षा अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत मंगलवार को रेल मंडल के विभिन्न मानव रहित व सहित रेल फाटकों पर जागरूकता अभियान चलाया गया. इस दौरान मंडल संरक्षा अधिकारी व संरक्षा सलाहकारों द्वारा टाटा-चांडिल, राजखरसावां-चक्रधरपुर रेलखंड के दर्जनों एलसी गेट पर वाहन चालकों एवं स्थानीय लोगों को जागरूक किया गया. साथ ही गेटमैन को उनके कार्य प्रणाली को लेकर काउंसलिंग कर सजग किया गया.
रेल मंडल के वरीय संरक्षा अधिकारी एके अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारी रहित समपार फाटकों पर लापरवाही में जाने वाली जानें रेलवे के लिए हमेशा से एक गंभीर चिंता की विषय रही है. भारतीय रेल समपार फाटकों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिये सतत प्रयासरत है. चक्रधरपुर रेल मंडल के मेन लाइन में दो मानव रहित रेल फाटक हैं. राहगीरों की जागरुकता और सहयोग से कर्मचारी रहित समपार फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है. इसके लिए पोस्टर, पंपलेट, सिनेमा में स्लाइड दिखाने आदि कई प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि रेल फाटक पर गुजरने का पहला अधिकार रेल गाड़ियों को है.
इस क्रम में बंद रेल फाटक पार करते समय कोई हादसा का शिकार होता है, तो उसे मुआवजा नहीं मिलता है. बल्कि उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हो सकती है. मालूम हो कि 15 मई से 14 जून तक भारतीय रेल में विशेष संरक्षा अभियान चलाया जा रहा है. 7 जून को अंतर्राष्ट्रीय समपार फाटक दिवस : 7 जून को रेल मंडल में अंतर्राष्ट्रीय समपार फाटक दिवस मनाया जायेगा. इसमें चक्रधरपुर समेत अन्य सभी स्टेशनों में समपार फाटक पर सतर्कता व जागरुकता कार्यक्रम आयोजित होंगे.
