सदर अस्पताल परिसर में कुष्ठ दिवस पर कार्यक्रम
चाईबासा : सिविल सर्जन डॉ हिमांशु भूषण बरवार ने कहा कि कुष्ठ बैक्टरिया जनित साधारण रोग है. इसका इलाज हो सकता है. इस रोग को समाप्त करने में करीब 20 साल से ज्यादा समय लगेगा. कुष्ठ जानलेवा बीमारी नहीं है. वे मंगलवार को सदर अस्पताल परिसर में जिला कुष्ठ समिति की ओर से कुष्ठ दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे.
उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. उन्होंने बताया कि चमड़ी में दाग और उसमें सुन्नापन है, तो वह कुष्ठ रोग का लक्षण है. उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को कुष्ठ रोग का इलाज के लिए सुदूरवर्ती क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया.
कार्यक्रम में जिला कुष्ठ पदाधिकारी डॉ हरिपाल सोनार, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ एमपी गोपालिका, डॉ संजय कुजूर, डॉ एएन डे, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ चंद्रावती बोयपाई, स्वास्थ्य कर्मी अजय कुमार प्रजापित समेत अन्य उपस्थित थे.
सदर अस्पताल से निकली जागरुकता रैली
जिला कुष्ठ समिति ने सदर अस्पताल परिसर से जागरुकता रैली निकाली. रैली को सिविल सर्जन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसमें स्कूली बच्चों सहित स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे.
