संदेह के घेरे में प्राइवेट सुरक्षा गार्ड्स

व्यवसायियों पर नजर रखने का काम कर रहे गार्ड्स प्राइवेट नंबर उपलब्ध करा करते हैं उग्रवादियों की मदद किरीबुरू : बिरमित्रापुर पुलिस की गिरफ्त में आये सेना के पूर्व कैप्टन तथा निजी सुरक्षा एजेंसी नॉर्थ एक्स सर्विसेज सिक्युरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर जदूमनी पात्रा की गिरफ्तारी के बाद झारखंड-ओड़िशा की खदानों, क्रेशरों तथा […]

व्यवसायियों पर नजर रखने का काम कर रहे गार्ड्स

प्राइवेट नंबर उपलब्ध करा करते हैं उग्रवादियों की मदद
किरीबुरू : बिरमित्रापुर पुलिस की गिरफ्त में आये सेना के पूर्व कैप्टन तथा निजी सुरक्षा एजेंसी नॉर्थ एक्स सर्विसेज सिक्युरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर जदूमनी पात्रा की गिरफ्तारी के बाद झारखंड-ओड़िशा की खदानों, क्रेशरों तथा अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में तैनात प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों पर संदेह की नजर से देखा जाने लगा है. व्यवसायियों की मानें तो इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कुछ प्राइवेट सुरक्षा कंपनियों में अापराधिक प्रवृत्ति के लोग घुसकर बड़े व्यवसायियों व उद्योगपतियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और उनके विशेष नंबर उग्रवादियों को उपलब्ध करा रहे हैं जिस पर फोन पर लेवी मांगी जा सके. एक सुरक्षा एजेंसी के मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर आसीन आर्मी के पूर्व कैप्टन की उग्रवादी लिंक में गिरफ्तारी से यह संदेह और गहरा हो जाता है.
ओड़िशा की एक बड़ी कंपनी के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके साथ ऐसी घटना हो चुकी है. उन्होंने कहा, ‘कुछ सप्ताह पूर्व पीएलएफआइ नक्सलियों ने फोन कर जान से मारने की धमकी देते हुए लेवी मांगी. लेकिन मेरे दिमाग में एक सवाल खड़ा हुआ कि जो नंबर हमारे कुछ लोगों को छोड़ किसी के पास नहीं था उस नंबर पर उग्रवादियों की धमकी कैसे मिली.’

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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