संग्रहालय में हो भाषा व संस्कृति से जुड़ी पांच सौ से अधिक वस्तुअों को प्रदर्शित किया गया है

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर से 22 किलीमीटर दूर टोकलो थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय तुरामडीह में हो भाषा एवं संस्कृति संग्रहालय का उदघाटन आरडीडीइ अरविंद विजय बिलुंग व विधायक शशिभूषण सामाज ने संयुक्त रूप से किया. इससे पूर्व ग्राणीणों द्वारा अतिथियों का स्वागत हो रीति-रिवाज से खटिया पर बैठा कर पानी पिलाया गया. फिर पैर धोये […]

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर से 22 किलीमीटर दूर टोकलो थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय तुरामडीह में हो भाषा एवं संस्कृति संग्रहालय का उदघाटन आरडीडीइ अरविंद विजय बिलुंग व विधायक शशिभूषण सामाज ने संयुक्त रूप से किया. इससे पूर्व ग्राणीणों द्वारा अतिथियों का स्वागत हो रीति-रिवाज से खटिया पर बैठा कर पानी पिलाया गया. फिर पैर धोये गये. हो भाषा व संस्कृति से जुड़ी पांच सौ से अधिक सामग्रियों को संग्रहालय में प्रदर्शित किया गया है,

जिनमें कई सामग्रियां दुर्लभ भी हैं. सामान इतने हैं कि कमरे छोटे पड़ रहे हैं. मुख्य अतिथि आरडीडीइ अरविंद विजय बिलुंग ने कहा कि हो भाषी बच्चे अपनी भाषा मेें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पा सकें, इसलिए जनजातीय भाषा पर कार्य किया जा रहा है. अभिभावक अपने बच्चों के लिए मार्ग दर्शक बनें. पढ़ाई के लिए प्रेरित करें. बच्चों को शिक्षित करें, ताकि हमारे जनजातीय समाज के बच्चे-बच्चियां आगे बढ़ सकें. मौके पर विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किये गये. कार्यक्रम दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक चला. इस अवसर पर हो महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्ण चंद्र बोदरा,

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी रामपति राम, सदर बीइइओ विपिन लाल दास, मुखिया आदे मुंडा, हो भाषा के राज्य साधन सेवी कृष्णा देवगम, हो समाज जमशेदपुर के प्रवक्ता सुरेश चंद्र केराई, एसआरपी मनोहरपुर राजेंद्र प्रसाद नेवार आदि ने संबोधित किये. मंच संचालन नंद लाल बांकिरा ने किया. मुख्य रूप से गीता हांसदा, मालती गागराई, सुमित्रा जामुदा, सुमन रानी बांकिरा, ज्योति बांदिया, महफुजुर्रहमान, बुधराम महतो, कैलाश चंद्र महतो, गजेंद्र महतो समेत शिक्षक, सीआरपी आदि मौजूद थे.

अच्छी शिक्षा के लिए मातृ भाषा जरूरी : विधायक
विधायक शशिभूषण सामड ने कहा कि बच्चों को उनकी मातृ भाषा में पढ़ाने का सराहनीय पहल है. उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति बचाये रखने की जरूरत है. इसमें उक्त संग्रहालय मिल का पत्थर साबित होगा. मौके पर विधायक ने अपने फंड से दो कमरे बनवाने की घोषणा की.
संस्कृति को जीवित रखना उद्देश्य : बीइइओ
अपना स्वागत भाषण में बीइइओ तेजिंदर कौर ने कहा कि हो भाषा व संस्कृति को जीवित रखने के उद्देश्य से ही संग्रहालय की स्थापना की गयी है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने धरोहर को जाने और समझ सकें. वारंग क्षिति लिपि व देवनागरी में भी हम हो भाषा की पढ़ाई करा रहे हैं.

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