''जबरन धर्मांतरण के लिए लाया बिल सांसद के गांव में नहीं हुआ धर्मांतरण''

चाईबासा : संयुक्त बिहार के समय जांटा गांव में चर्च व मिशन स्कूल है. इसके बावजूद सांसद लक्ष्मण गिलुवा के प्रयास से उनके गांव जांटा में एक भी धर्मांतरण नहीं हुआ. उक्त बातें भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र नंदी उर्फ शुरू ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहीं. श्री शुरू ने कहा कि राज्य में जबरन […]

चाईबासा : संयुक्त बिहार के समय जांटा गांव में चर्च व मिशन स्कूल है. इसके बावजूद सांसद लक्ष्मण गिलुवा के प्रयास से उनके गांव जांटा में एक भी धर्मांतरण नहीं हुआ. उक्त बातें भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र नंदी उर्फ शुरू ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहीं. श्री शुरू ने कहा कि राज्य में जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए बिल लाया गया है. स्वेच्छा व खुशी से धर्मांतरण पर रोक नहीं है. बिल का मकसद धर्मांतरित आदिवासियों को दोहरा लाभ से वंचित करना है़. मौके पर चुम्बरू चातोम्बा, दिनेश यादव, नारायण पाडेया आदि उपस्थित थे.

विपक्ष की सरना आदिवासियों को समाप्त करने की साजिश : विपक्ष सरना आदिवासियों को समाप्त करने की साजिश कर रहा है. कुछ वर्ष पहले सरना आदिवासियों की छात्रवृत्ति बंद थी पर ईसाई आदिवासी वद्यिार्थियों को अल्पसंख्यक के नाम पर छात्रवृत्ति मिल रही थी़.
2019 ही बतायेगा किसी जमीन खिसक रही :
राज्य से भाजपा या झामुमो की जमीन खिसक रही है. यह वर्ष 2019 के चुनाव में जनता बतायेगी. भाजपा अपने विकास कार्यों के साथ चुनाव में उतरेगी. विपक्ष के पास विकास का विरोध के अलावा कोई मुद्दा नहीं है. डैम के झूठ पर राजनीतिक जमीन तैयार करने वाले झामुमो विधायकों को 2019 में अपने हश्र का अभी से पता चलने लगा है.
विरोध करने वाले भाड़े के लोग
श्री शुरू ने कहा कि धर्मांतरण बिल का विरोध करने वाले भाड़े के लोग हैं. विदेशी पैसों के बल पर इनसे विरोध कराया जा रहा है. कुछ राजनीतिक दलों की दुकानदारी बंद होने वाली है. धर्मांतरण बिल सरना समुदाय का रक्षा कवच है. लोभ-लालच व भय दिखाकर धर्म परिवर्तन कराने वालों पर अंकुश लगेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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