चिरिया माइंस. मजदूरों की समस्याओं को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता, गिलुवा ने कहा
सांसद लक्ष्मण गिलुवा की मौजूदगी में सेल के जीएम ने की वार्ता, नहीं निकला नतीजा
मनोहरपुर : चिरिया माइंस में कार्यरत 741 मजदूरों की छंटनी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को सांसद लक्ष्मण गिलुवा की मौजूदगी में त्रिपक्षीय वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. पहली बार वार्ता में शामिल हुए सेल जीएम डीडे सरकार ने कहा कि छंटनी को लेकर श्रम मंत्रालय द्वारा दिये गये आदेश पर कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि छंटनी रोकने के लिए वह कोई भी पहल नहीं कर सकते है. मजदूरों का नेतृत्व कर रहे सांसद लक्ष्मण गिलुवा ने कहा कि मजदूरों की छंटनी रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर वह श्रम मंत्रालय से लेकर कोर्ट भी जायेंगे. वार्ता में सेल प्रबंधक,
ठेका प्रबंधक के कर्मी व मजदूरों का नेतृत्व कर रहे विभिन्न संगठनों के सदस्य व सांसद मौजूद थे. इससे पूर्व सांसद ने सेल कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर रहे मजदूरों से वार्ता कर उनकी समस्या सुनी. सांसद ने कहा कि मजदूरों की छंटनी रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा. मौके पर सेल के एजीएम जीआर महंती, मजदूर संघ के रामा पांडेय, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक षाड़ंगी, मोहन चौबे, शिवा टूटी, कृष्ण टूटी, रोशन लकड़ा, शंकर लकड़ा, अर्जुन तांती आदि उपस्थित थे.
ग्रामीणों ने भी समस्या से कराया अवगत :
दुबिल गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने सांसद से कहा कि चिरिया माइंस के लाल मिट्टी से गांव की उपजाऊ जमीन बंजर हो गयी है. ग्रामीणों ने मुआवजा दिलाने की मांग की.
छंटनी को लेकर मजदूरों, कॉन्ट्रेक्टर, सेल मैनेजमेंट और यूनियन प्रतिनिधि से बात हुई. इससे पता चला कि मजदूरों के ऊपर अत्याचार हुआ है. 1999 से ठेका प्रथा से सेल चिरिया माइंस चल रहा है. मजदूरों को काम करते 27 साल हो गये है. उन लोगों की अचानक छंटनी करना बिल्कुल गलत है. मामले को लेकर सीधे दिल्ली श्रम मंत्रालय जाकर अवगत कराया जायेगा.
लक्ष्मण गिलुवा, सांसद
