डेंगू की दस्तक, मरीज मिलते ही विभाग अलर्ट

चाईबासा. एच-1 टेस्ट के बाद एलिजा टेस्ट भी पाया गया पॉजीटिव मरीज की हालत बेहतर होने पर सदर अस्पताल से घर भेजा गया सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को अलर्ट रहने का आदेश संदिग्ध मरीज मिलते ही जांच के लिए भेजने का आदेश चाईबासा : चाईबासा की टुंगरी निवासी राजलक्ष्मी (55) को डेंगू हो गया है. […]

चाईबासा. एच-1 टेस्ट के बाद एलिजा टेस्ट भी पाया गया पॉजीटिव

मरीज की हालत बेहतर होने पर सदर अस्पताल से घर भेजा गया
सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को अलर्ट रहने का आदेश
संदिग्ध मरीज मिलते ही जांच के लिए भेजने का आदेश
चाईबासा : चाईबासा की टुंगरी निवासी राजलक्ष्मी (55) को डेंगू हो गया है. शहर में डेंगू का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. हालांकि राजलक्ष्मी के हालत में सुधार होने पर सदर अस्पताल से छोड़ दिया गया है. बताया जाता है कि डेंगू के लक्षण मिलने के बाद राजलक्ष्मी का ब्लड सैंपल की जांच की गयी. शुरुआत में एच-1 टेस्ट में राजलक्ष्मी में डेंगू के लक्षण पाये गये थे. एलिजा टेस्ट की रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद अंतिम रूप से डेंगू की पुष्टि होती है. राजलक्ष्मी का एलिजा टेस्ट भी पॉजीटिव आया है. सदर अस्पताल में राजलक्ष्मी का इलाज चल रहा था. इलाज से राहत मिलने के कारण राजलक्ष्मी को घर भेज दिया गया.
जब राजलक्ष्मी को घर भेजा गया था, तब तक एलिजा टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आयी थी. राजलक्ष्मी अभी स्वस्थ्य बतायी जा रही है. इधर, डेंगू की पुष्टि होने के बाद सिविल सर्जन डॉ हिमांशु भूषण बरवार ने अलर्ट जारी कर दिया है. सभी सीएचसी प्रभारी को डेंगू के लक्षण मिलते ही ब्लड सैंपल लेकर चाईबासा डीपीएचएल लैब भेजने का आदेश दिया है.
क्या है डेंगू बीमारी
डेंगू मलेरिया की तरह मच्छर के काटने से फैलती है. यह एडीज मच्छर के काटने से होती है. ऐसे मच्छर बरसात के मौसम में ज्यादा फैलते हैं. जहां पानी ज्यादा जमा होता है वहीं ऐसे मच्छर पनपते हैं. डेंगू उन लोगों को जल्दी प्रभावित करता है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है. यह भी हो सकता है कि डेंगू बुखार ए करेगी. क ही व्यक्ति को कई बार हो जाये.
कहां पैदा होते है एडीज मच्छर
एडीज मादा मच्छर साफ पानी में अंडे देती है. अंडे से लार्वा बनता है उसके बाद प्यूपा फिर मच्छर बन जाता है. लार्वा से प्यूपा की अवस्था पानी में रहते है और मच्छर पानी के बाहर रहता है. अंडे से मच्छर बनने में करीब एक सप्ताह का समय लगता है. बरसात में पुराने टैंकों, गमलोंं, कूलरों, पानी के ड्रम, पुराना टायर ट्यूब, फूटे माटके, जानवरों के पीने की हौद आदि में एकत्रित पानी में यह मच्छर ज्यादा पाये जाते हैं.
तीव्र बुखार
जोड़ो में दर्द
बदन दर्द
चिड़चिड़ापन
सिर दर्द
अधिक कमजोरी लगना
भूख कम लगना
उल्टी-दस्त की शिकायत
गले में हल्का दर्द
ब्लड पेशर कम होना
पेट खराब होना
जिला बीबीडी पदाधिकारी को डेंगू की रोकथाम के लिए कार्य योजना बनाकर तैयार रहने का निर्देश दे दिया गया है. घर के आसपास जल जमाव ना हो, इसके लिए लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है.
– डॉ हिमांशु भूषण बरवार, सिविल सर्जन, पश्चिमी सिंहभूम

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