सारंडा में पांच हजार पौधे रोपेगी सीआरपीएफ

झारखंड की उजड़ती जंगलों की रिपेयरिंग कार्य आज से पुरे झारखण्ड में लगभग एक लाख पौधा लगाने का लक्ष्य है किरीबुरू : 700 पहाड़ियों से विख्यात एशिया का सबसे बड़ा सखुआ (साल) जंगल की रिपेयरिंग का कार्य 26 जुलाई को सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान मिलकर करेंगे. इसके लिए जगह-जगह गड्ढे खोदना व पौधों की […]

झारखंड की उजड़ती जंगलों की रिपेयरिंग कार्य आज से

पुरे झारखण्ड में लगभग एक लाख पौधा लगाने का लक्ष्य है
किरीबुरू : 700 पहाड़ियों से विख्यात एशिया का सबसे बड़ा सखुआ (साल) जंगल की रिपेयरिंग का कार्य 26 जुलाई को सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान मिलकर करेंगे. इसके लिए जगह-जगह गड्ढे खोदना व पौधों की व्यवस्था प्रारम्भ हो गया है. 27 जुलाई को सीआरपीएफ का रेजिंग दिवस है. इसके उपलक्ष्य में पूरे झारखंड में सीआरपीएफ की तमाम बटालियन जंगलों के खाली भू-भाग व अपने कैंपो के आसपास करीब एक लाख पौधे रोपेगी. इससे झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा होगी. इसका व्यापक लाभ पर्यावरण, प्रदूषण, ऑक्सीजन, पानी, औषधि आदि तमाम जनता को मिलेगा.
सारंडा में तैनात सीआरपीएफ की दो बटालियन 197 एंव 174 की ओर से करीब पांच हजार पौधे लगाये जायेंगे. इससे पूर्व प्रति वर्ष वन महोत्सव आदि मौकों पर सीआरपीएफ, वन विभाग, विभिन्न खदान प्रबंधनों, राजनीतिक-सामाजिक संगठनों, ग्रामीणों आदि की ओर से हजारों पौधे लगाये जाते हैं. फिर भी असामाजिक तत्वों जंगलों को काट रहे हैं. आने वाले दिनों में सीआरपीएफ, पुलिस व वन विभाग की ओर से संयुक्त रूप से मिलकर पर्यावरण के दुश्मनों के खिलाफ अभियान चलाने की जरूरत है. हालांकि सरकार ने वन विभाग को पुलिस से सहयोग लेने का आदेश दिया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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