जैंतगढ़ : जैंतगढ़ तथा चंपुआ पूरी तरह वायरल फीवर की चपेट में आ गये हैं. चंपुआ अनुमंडल अस्पताल में रोजाना दर्जनों बीमार पहुंच रहे हैं. झारखंड-ओड़िशा की सीमा पर स्थित जैंतगढ़ और चंपुआ प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में वायरल का प्रभाव ज्यादा है. आस पास का कोई गांव ऐसा नहीं है जहां 10-20 लोग वायरल फीवर की चपेट में न हों. कई गांव ऐसे भी हैं,
जहां हर घर में कोई न कोई इससे पीड़ित है. इसमें मरीज को बदन हाथ में दर्द के साथ तेज बुखार आता है. कुछ को सिर एंव कमर में दर्द के साथ ठंड लगने की शिकायत भी मिल रही है. इसके अलावा इलाके में सरदी, खांसी एवं जुकाम के मरीजों की संख्या भी बढ़ गयी है. इसमें मरीज को दो-तीन दिन बुखार रहता है, लेकिन समय पर इलाज न हो तो वह टायफॉयड में तब्दील हो सकता है. डॉ एस रजा ने बताया कि यह एक मौसमी बीमारी है, जो मौसम बदलने या मौसम भारी होने पर फैलती है. बीमारी में कोताही नहीं बरतें, समय पर इलाज करायें. उन्होंने इस मौसम में खान पान और रहन-सहन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी.
