रांची. झारखंड की JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच CBI से कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को सुनवाई होगी. पहले इस मामले की सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तारीख तय थी.
याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने दायर की है. इसमें झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा समेत JPSC और JSSC से जुडी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच राज्य CID से हटाकर CBI को सौंपने का अनुरोध किया गया है.
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार, झारखंड सरकार, JPSC, JSSC, CBI और CID को नोटिस जारी किया था. अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है. 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी किया था.
याचिका में परीक्षा प्रक्रिया की समग्र जांच की मांग की गयी है. याचिकाकर्ता का कहना है कि अधिकारियों और परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच के लिए पूरी परीक्षा प्रक्रिया की पडताल जरूरी है. याचिका में परीक्षा से जुडे भौतिक और डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग भी की गयी है.
याचिका में उठाये गये आरोपों पर अभी सुप्रीम कोर्ट ने कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है. अदालत में मामला लंबित है और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद आगे की सुनवाई होगी.
