समाज को सही दिशा देने वाली शक्ति है महिला संघ: भूषण बाड़ा

पाकरटांड़ प्रखंड के खंजालोया पल्ली में बीरू भिखारिएट कैथोलिक महिला संघ का 11वां वार्षिक अधिवेशन संपन्न हो गया.

खंजालोया पल्ली में बीरू भिखारिएट कैथोलिक महिला संघ का 11वां वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न फोटो फाइल: 15 एसआइएम:5-संबोधित करते विधायक सिमडेगा. पाकरटांड़ प्रखंड के खंजालोया पल्ली में बीरू भिखारिएट कैथोलिक महिला संघ का 11वां वार्षिक अधिवेशन संपन्न हो गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से सिमडेगा विधायक सह कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूषण बाड़ा, बीरू भिखारिएट महिला संघ की सभानेत्री सह कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष एवं पाकरटांड जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा उपस्थित थे. अधिवेशन में मुख्य अनुष्ठाता के रूप में डीन फादर हेरमोन खलखो एवं सहयोगी के रूप में पल्ली पुरोहित फादर रंजीत डुंगडुंग, फादर पात्रिक खलखो, फादर पौलुस, धर्मप्रान्तीय कैथोलिक सभा के अध्यक्ष माइकल खड़िया, उप सभा नेत्री जोसफा सोरेंग, कार्मेला कुल्लू, प्रतिमा कुजूर, उर्मिला केरकेट्टा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. कार्यक्रम में भारी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि समाज की मजबूती में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने कहा कि कैथोलिक महिला संघ सिर्फ धार्मिक संगठन नहीं बल्कि समाज को सही दिशा देने वाली शक्ति है.जब महिलाएं संगठित होकर आगे बढ़ती हैं तो परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ी भी मजबूत होती है. उन्होंने माताओं और बहनों से शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. भूषण बाड़ा ने कहा कि समाज में शांति, भाईचारा और विकास के लिए महिलाओं का नेतृत्व जरूरी है. उन्होंने महिला संघ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अधिवेशन से महिलाओं को एक मंच मिलता है, जहां वे अपने अनुभव साझा कर समाज के उत्थान के लिए नयी दिशा तय करती हैं. समाज को बदलने की ताकत रखती है महिलाएं: जोसिमा खाखा कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा कि महिला संघ की माताएं और बहनें समाज में सेवा, त्याग और समर्पण की मिसाल हैं.महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज समाज के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं. उन्होंने माताओं और बहनों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक नेतृत्व के लिए आगे आने का आह्वान किया. जोसिमा खाखा ने कहा कि संगठित महिला शक्ति किसी भी समाज को बदलने की ताकत रखती है. महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे बढ़ना चाहिए. ईश्वर का प्रेम ही मानव जीवन की शक्ति: फादर पात्रिक फादर पात्रिक खलखो ने कहा कि ईश्वर का प्रेम ही मानव जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है. प्रेम, सेवा और आपसी सहयोग के भाव से ही परिवार और समाज मजबूत बनता है. जोसफा सोरेंग ने बच्चों की परवरिश में माताओं की चुनौतियां विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में माताओं की जिम्मेदारियां पहले से अधिक बढ़ गयी हैं. बच्चों को सही संस्कार, शिक्षा और अनुशासन देने में माताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. डीन फादर हरमन खलखो ने कहा कि महिला संघ समाज और चर्च को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने समाज में प्रेम, एकता और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया. पल्ली पुरोहित फादर रंजीत ने कहा कि परिवार की नींव मजबूत बनाने में महिलाओं की अहम भूमिका होती है.

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Published by: Vikash nath

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