वरीय संवाददाता, सिमडेगा संत अन्ना महाचर्च में रविवार को खजूर पर्व (पाम संडे) श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया. इस अवसर पर आयोजित विशेष पवित्र मास में लगभग 7000 मसीही श्रद्धालुओं ने भाग लिया. मुख्य अनुष्ठान कर्ता के रूप में सिमडेगा धर्मप्रांत के बिशप भिंसेंट बरवा उपस्थित रहे. उनके साथ भीजी इग्नासियुस, संत मेरिज रेक्टर फादर पीयूष तथा अन्य फादरगण शामिल हुए. सामटोली पल्ली की सिस्टर्स और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी भागीदारी की. अपने संदेश में बिशप भिंसेंट बरवा ने कहा कि पाम संडे हमें उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है जब प्रभु यीशु मसीह यरूशलेम में प्रवेश करते समय खजूर की डालियों से स्वागत किये गये. उन्होंने बताया कि खजूर की डालियां विजय, शांति और नम्रता का प्रतीक हैं. प्रभु यीशु का जीवन हमें सिखाता है कि सच्ची महानता प्रेम, सेवा और विनम्रता में है, न कि घमंड में. उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में क्षमा, प्रेम और सेवा को अपनाकर प्रभु के मार्ग पर चलें. कार्यक्रम के दौरान उर्सुलाइन सिस्टर्स और छात्रों ने मधुर भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया. आयोजन को सफल बनाने में सामटोली पल्ली के काथलिक सभा के सभापति राजन, युवा अध्यक्ष सोरेंग, महिला संघ की सदस्याओं तथा विभिन्न स्कूलों के छात्रावास के बच्चों का सराहनीय योगदान रहा.
सच्ची आराधना प्रभु को प्रसन्न करने का मार्ग : बिशप भिंसेंट बरवा
सच्ची आराधना प्रभु को प्रसन्न करने का मार्ग : बिशप भिंसेंट बरवा
