दिवंगत माताजी संतोष देवी गोयल को दी गयी श्रद्धांजलि

दिवंगत माताजी संतोष देवी गोयल को दी गयी श्रद्धांजलि

By Prabhat Khabar News Desk | January 16, 2026 10:59 PM

सिमडेगा. शुक्रवार को आचार्य पद्मराज ज्योतिष गुरुकुल, टुकूपानी के सभागार में दिवंगत माताजी संतोष देवी गोयल जी की श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गयी. कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य डॉ पद्मराज स्वामी जी द्वारा नवकार महामंत्र एवं गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण से हुआ. इसके बाद मेरी भावना व मंगल भावना का सस्वर पारायण कराया गया. आचार्य डॉ पद्मराज स्वामी जी ने माताजी के नाम और गुणों की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संतोष दो प्रकार का होते हैं. एक वह जो अक्षमता के कारण स्वीकार करना पड़ता है और दूसरा वह जो भीतर से स्वतः प्रकट होता है और किसी अपेक्षा पर निर्भर नहीं होता. यही जीवन की परम तृप्त अवस्था है. इस अवस्था में साधक अपने कर्तव्यों को पूर्ण कर मृत्यु के लिए पहले से ही तैयार हो जाते हैं. ऐसे साधकों को मृत्यु पराजित नहीं कर सकती, बल्कि उनकी मृत्यु ही समाप्त हो जाती है. उन्होंने कहा कि माताजी ने अपने नाम को सार्थक करते हुए सभी को संतुष्ट किया और अब अज्ञात यात्रा पर अग्रसर हो गयीं. उन्होंने माताजी के वियोग को परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि जीवन की सफलता व्यक्ति के सद्गुणों में निहित होती है. हमने जीवन में क्या बोया और दूसरों को क्या दिया, उसी से हमारे जीवन का मूल्यांकन होता है. सद्गुणों से व्यक्ति सदैव जीवंत रहता है और अच्छे लोग अपनी अच्छाइयों के कारण हमेशा याद किये जाते हैं. मौके पर गुरुमां ने वैराग्यपूर्ण भजन प्रस्तुत करते हुए माताजी से जुड़े संस्मरण साझा किये. माताजी के दामाद पुत्र ने भी उनके जीवन की विशिष्टताओं पर प्रकाश डाला. वहीं गुरुकुल की ओर से राहुल प्रसाद ने माताजी की स्मृतियों को साझा करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. सभा में उपस्थित सभी लोगों ने माताजी की तस्वीर पर धूप एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. अंत में पुष्पांजलि, प्रसाद वितरण व मंगलपाठ के साथ सभा का समापन हुआ.

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