सिमडेगा. कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने झारखंड विधानसभा के पटल पर शून्य काल में पत्थर उत्खनन का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि सिमडेगा जिले में अनुज्ञप्ति प्राप्त लीज धारकों द्वारा वार्षिक उत्पादन से अधिक खनन कर व क्रशर धारकों द्वारा पत्थर उत्पादन से अधिक उत्पादन कर ढुलाई की जाती है. इससे बड़े पैमाने पर सरकार के राजस्व की क्षति हो रही है. इससे साफ पता चलता है कि अवैध तरीके से पत्थर का खनन व क्रशर मालिकों द्वारा उत्पादन किया जा रहा है, जो गंभीर विषय है. इससे ऐसा प्रतीत होता है कि इसमें बड़े पैमाने पर मिलीभगत से काम को संपादित किया जा रहा है. विधायक ने इसके लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी बना कर जांच कराने की मांग की. विधायक ने झारखंड सरकार के भूमि सुधार व राजस्व मंत्री से जानकारी मांगी की क्या यह बात सही है कि सीएनटी भूमि पर गैर अनुसूचित जनजाति द्वारा आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर मकान आदि बना लिया गया है. सरकार की तरफ से जवाब दिया गया कि यह मामला पूर्वी सिंहभूम में पाया गया है. इसके लिए वहां के उपायुक्त को कानून सम्मत कार्रवाई का आदेश दिया गया है.
विधायक ने विस में उठाया मेडिकल कॉलेज का मुद्दा
सिमडेगा. विधायक भूषण बाड़ा ने शुक्रवार को जिले में मेडिकल कॉलेज खुलवाने का मामला विधानसभा सत्र में उठाया. विधायक ने सत्र में सरकार से पूछा कि आदिवासी बहुल सिमडेगा जिले में पूर्व में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए सरकार से स्वीकृति प्रदान की गयी थी. प्रशासनिक उदासीनता से कॉलेज को दूसरे जिले में स्थापित किया गया. उन्होंने कहा कि झारखंड आदिवासियों का है. लेकिन सरकार के उदासीनता से आदिवासी बहुल जिले के बच्चे साधारण ग्रेजुएशन और आइटीआइ की पढ़ाई तक सीमित है. जबकि इस चुनाव में 29 में से 28 आदिवासी सीट पर अबुआ सरकार पर आदिवासियों ने भरोसा जताया है. इसके बाद भी आदिवासी बहुल सिमडेगा जिले में मेडिकल कॉलेज निर्माण कराने पर विचार नहीं रखना आदिवासियों के साथ धोखा है. विधायक ने जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग की.
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