सिमडेगा. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती पर मंगलवार को सिमडेगा शहर में जैन समाज ने प्रभातफेरी निकाली. इस दौरान श्रद्धालुओं ने अहिंसा, सत्य व संयम का संदेश दिया. प्रभातफेरी जैन भवन से शुरू होकर महावीर चौक होते हुए नीचे बाजार तक गयी और पुनः जैन भवन पहुंच कर संपन्न हुई. इस दौरान जैन धर्मावलंबियों के साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी शामिल हुए. श्रद्धालुओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर भगवान महावीर के उपदेशों अहिंसा, सत्य, अचौर्य, अपरिग्रह और संयम को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया. पूरे मार्ग में लोगों को शांतिपूर्ण और नैतिक जीवन जीने का संदेश दिया गया. शोभायात्रा का स्वागत आनंद भवन धर्मशाला में अग्रवाल सभा द्वारा किया गया. मौके पर वक्ताओं ने कहा कि महावीर जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह करुणा, क्षमा और सादगीपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देने वाला अवसर है. भगवान महावीर का जन्म 599 ईसा पूर्व में कुंडलपुर में हुआ था. उन्होंने 30 वर्ष की आयु में राजसी जीवन त्याग कर कठोर तपस्या की और 12 वर्षों बाद केवल ज्ञान प्राप्त किया. इसके बाद उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन अहिंसा और सत्य के प्रचार-प्रसार में समर्पित कर दिया.
प्रभातफेरी निकाल अहिंसा, सत्य व संयम का दिया गया संदेश
प्रभातफेरी निकाल अहिंसा, सत्य व संयम का दिया गया संदेश
