परम प्रसाद मसीही जीवन का एक महत्वपूर्ण संस्कार है : इग्नासियूस टेटे
संत अन्ना महागिरजा में करीब 150 बच्चों ने प्रथम परम प्रसाद ग्रहण किया
संत अन्ना महागिरजा में करीब 150 बच्चों ने प्रथम परम प्रसाद ग्रहण किया
वरीय संवाददाता, सिमडेगा संत अन्ना महागिरजा में रविवार को एक भावपूर्ण धार्मिक आयोजन के तहत करीब 150 बच्चों ने प्रथम परम प्रसाद ग्रहण किया. इस पवित्र अवसर पर बच्चों ने रोटी और दाखरस के रूप में प्रभु यीशु ख्रीस्त को अपने जीवन में स्वीकार किया. मुख्य अनुष्ठान फादर इग्नासियुस टेटे ने संपन्न कराया. उनके साथ सेंट मेरीज के पूर्व प्रिंसिपल फादर फैब्रिक, होली स्पिरिट के प्रिंसिपल फादर शैलेश, संतअन्ना के प्रिंसिपल फादर नीलम, फादर प्रदीप सहित अन्य पुरोहितों ने मिस्सा का संचालन किया. मौके पर अपने संदेश में फादर इग्नासियुस ने कहा कि पवित्र यूखारिस्त परम प्रसाद मसीही जीवन का एक महत्वपूर्ण संस्कार है. यह वह क्षण होता है, जब विश्वासी रोटी और दाखरस के रूप में प्रभु यीशु को ग्रहण कर उनसे एकात्म होते हैं. उन्होंने संत थॉमस के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें संदेह नहीं बल्कि विश्वास के मार्ग पर चलना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज और परिवार में अशांति, तनाव और अविश्वास बढ़ रहा है. ऐसे में जरूरत है कि हम प्रभु यीशु पर विश्वास रखें और उनके मार्गदर्शन में जीवन जीएं. यीशु हर व्यक्ति को अपने पास बुलाते हैं. चाहे वह कितना ही निराश या कमजोर क्यों न हो. फादर इग्नासियुस ने कहा कि प्रभु का रक्त और शरीर हमें नया जीवन प्रदान करता है. बच्चों से उन्होंने आह्वान किया कि वे ईश्वर की दया पर विश्वास रखें. समारोह को भक्तिमय बनाने में युवासंघ के सदस्यों ने अपने मधुर गीतों से विशेष योगदान दिया. आयोजन को सफल बनाने में पल्ली के सभी सदस्यों का सराहनीय सहयोग रहा.