सिमडेगा. संविधान दिवस पर बुधवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में कार्यक्रम हुआ. मौके पर अधिकारियों, कर्मचारियों व अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और संविधान के प्रति निष्ठा बनाए रखने की शपथ ली. अध्यक्षता एडीजे नरंजन सिंह ने की. उन्होंने उपस्थित लोगों को प्रस्तावना का पाठ कराते हुए संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, मूल उद्देश्यों और लोकतंत्र की मजबूती में इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला. कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता जैसे मूल्यों का जीवंत प्रतीक है. हर नागरिक और विशेषकर न्यायिक पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी है कि वह इन मूल्यों का संरक्षण करें. एडीजे नरंजन सिंह ने संविधान निर्माताओं के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि न्यायालय से जुड़े सभी लोग समाज में कानून के शासन को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने अधिवक्ताओं व कर्मचारियों को अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की प्रेरणा दी. कार्यक्रम में न्यायालय के अन्य पदाधिकारियों, न्यायिक कर्मचारियों व अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने भी भाग लिया. सभी ने संविधान दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए देश की एकता,अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने का संकल्प लिया.
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