सिमडेगा. जिला अंतर्गत पाकरटांड़ प्रखंड के ठेठईटांगर की रहने वाली सुमित्रा देवी वर्तमान में सब्जी की खेती कर खुशहाल जिंदगी गुजार रही है. सुमित्रा देवी वर्ष 2017 में बेली आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी. आजीविका के रूप में वह अपनी छोटी सी जमीन पर खेतीबारी व सब्जी उत्पादन का काम करती थी. बहुत पहले से उनकी जमीन बंधक थी. बहुत कम जमीन पर उत्पादन करने से बहुत कम आमदनी होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब होती चली गयी. समूह से जुड़ने के बाद आरसेटी से सब्जी उत्पादन के संदर्भ में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद समूह से सामुदायिक निवेश निधि से 50 हजार रुपये ऋण लेकर सबसे पहले उन्होंने अपनी बंधक जमीन को छुड़ाया तथा सब्जी उत्पादन का कार्य करने लगी. सब्जी का उत्पादन अत्यधिक मात्रा में होने के कारण आमदनी अच्छी होने लगी. वर्तमान में सुमित्रा देवी ने अतिरिक्त तीन एकड़ की भूमि लीज पर लेकर मौसमी सब्जी उत्पादन का कार्य कर रही है, जिसमें हेल्पर के रूप में बेली स्वयं सहायता समूह की दीपिका देवी व अन्य महिलाएं भी दैनिक मजदूरी पर उनके यहां कार्य करती हैं. उनके खेत में मिर्च, खीरा, तरबूज, कद्दू, करेला, कुच्चू आदि मौसमी सब्जी शामिल हैं. वह वर्ष में खेतीबारी के माध्यम से एक से डेढ़ लाख रुपये तक की कमाई कर लेती हैं. वह अपनी कमाई करने के साथ अन्य महिलाओं को भी रोजगार देने का काम कर रही हैं. इससे उनका आत्म स्वाभिमान भी बढ़ा है. सुमित्रा देवी ने बातचीत के क्रम में कहा कि किसी काम को मन लगा कर करने से सफलता जरूर मिलती है. उन्होंने कहा कि वह भविष्य में मौसमी सब्जी की थोक विक्रेता बनना चाहती है.
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