सिमडेगा में धान खरीद की प्रक्रिया शुरू, 16 लैंपसों के माध्यम से होगी खरीद

सिमडेगा में धान खरीद की प्रक्रिया शुरू, 16 लैंपसों के माध्यम से होग�� खरीद

सिमडेगा. जिले में सोमवार से धान खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी. इसका उद्घाटन तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया व उपायुक्त कंचन सिंह ने संयुक्त रूप से बानो प्रखंड के सिम्हातू लैंपस में किया. मौके पर बुजुर्गों के बीच कंबल का वितरण किया गया. कार्यक्रम में बानो बीडीओ उपस्थित थे. वहीं ठेठईटांगर प्रखंड के मेरोमडेगा लैंपस में सांसद प्रतिनिधि अमित डुंगडुंग, मेरोमडेगा मुखिया, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में धान खरीद का उद्घाटन किया गया. इसके अलावा जिले के अन्य लैंपसों में भी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से धान खरीद की शुरुआत की. इस अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने धान खरीद व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन को लेकर संबंधित पदाधिकारियों एवं लैंपस प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए तथा खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध हो. राज्य सरकार द्वारा धान क्रय के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2450 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. किसानों को धान विक्रय के उपरांत 48 घंटे के भीतर एकमुश्त राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जायेगा. जिले में कुल 16 चयनित लैंपसों के माध्यम से धान खरीद की जानी है. पहले दिन जिले के 12 लैंपसों में धान क्रय शुरू किया गया, जिनमें सिमडेगा प्रखंड के अरानी, ठेठईटांगर प्रखंड के मेरोमडेगा व पाईकपारा, कुरडेग प्रखंड के कुरडेग, चड़रीमुंडा एवं डुमरडीह, पाकरटांड़ प्रखंड के क्रूशकेला, कोलेबिरा प्रखंड के रैसिया, बानो प्रखंड के सिम्हातू एवं गेनमेर तथा जलडेगा प्रखंड के टिनगिना एवं परबा लैंपस शामिल हैं. डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए राज्य सरकार द्वारा ई-उपार्जन मोबाइल एप्लिकेशन भी लांच किया गया है, जिसे ई-उपार्जन पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है. इस ऐप के माध्यम से किसान स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं, धान विक्रय के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं तथा भुगतान की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. सभी क्रय केंद्रों पर 4जी सक्षम ई-पॉश मशीनों के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था की गयी है. जो किसान अब तक ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा पाये हैं, वे ई-उपार्जन पोर्टल या नजदीकी प्रज्ञा केंद्रों में प्रशिक्षित कर्मियों की सहायता से पंजीकरण करा सकते हैं.

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