जलडेगा में भैया बन गया मंईयां, खाते में डलवाया मंईयां सम्मान योजना के 30000 रुपये

Maiya Samman Yojana: सिमडेगा के जलडेगा प्रखंड में मंईयां सम्मान योजना की राशि एक पुरुष के खाते में पहुंचने का मामला सामने आया है. जांच में 10 माह में 30 हजार रुपये ट्रांसफर होने का खुलासा हुआ, जिसके बाद बीडीओ ने प्राथमिकी दर्ज कराई है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

सिमडेगा से रविकांत साहू की रिपोर्ट

Maiya Samman Yojana: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना में सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड से बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है. जांच के दौरान एक पुरुष के खाते में योजना की राशि ट्रांसफर होने का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. मामले के सामने आने के बाद प्रखंड प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है.

सत्यापन के दौरान हुआ खुलासा

जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जलडेगा प्रखंड में मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों का सत्यापन कार्य चल रहा है. इसी दौरान जांच में पता चला कि टिनगिना निवासी पंकज कुमार नाग के खाते में योजना की राशि भेजी गई है. जांच में सामने आया कि पिछले 10 महीनों में कुल 30 हजार रुपये की राशि उसके खाते में हस्तांतरित की गई थी. मामला सामने आते ही अधिकारियों ने इसकी गंभीरता से जांच शुरू की. योजना का लाभ महिलाओं को दिया जाना है, ऐसे में पुरुष के खाते में राशि पहुंचना प्रशासन के लिए बड़ा सवाल बन गया.

प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से ली जा रही थी राशि

प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से स्वयं के नाम से इंट्री कर योजना का लाभ लिया जा रहा था. मामले में अनियमितता पाए जाने के बाद जलडेगा थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. बीडीओ ने बताया कि पंकज कुमार नाग पिता मदन नाग और संबंधित सीएससी संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा तत्कालीन पंचायत सचिव सनातन सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है.

भेद खुलने पर वापस जमा कराई गई राशि

इधर मामला दर्ज होने के बाद पंकज कुमार नाग ने प्रखंड नजारत में 30 हजार रुपये की राशि जमा करा दी है. हालांकि प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर योजना का लाभ किस प्रक्रिया के तहत पुरुष के खाते तक पहुंचा और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही.

लोगों के बीच चर्चा का विषय बना मामला

पुरुष के नाम पर मंईयां सम्मान योजना की राशि मिलने की खबर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के बीच इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. लोगों का कहना है कि यदि योजना की गंभीरता से जांच कराई जाए तो और भी कई चौंकाने वाले मामले सामने आ सकते हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से योजना के लाभुकों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि जरूरतमंद महिलाओं को ही योजना का लाभ मिल सके.

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योजना की पारदर्शिता पर उठे सवाल

मामले के सामने आने के बाद मंईयां सम्मान योजना की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में इस तरह की गड़बड़ियां लाभुकों के अधिकारों को प्रभावित करती हैं और योजनाओं की विश्वसनीयता पर असर डालती हैं. प्रशासन का कहना है कि सत्यापन अभियान के दौरान ऐसे मामलों की लगातार जांच की जा रही है और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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