सेविकाएं महिला एवं बाल विकास विभाग की फ्रंटलाइन वर्कर्स : डीसी

बाल विवाह एवं डायन कुप्रथा मुक्त विषय पर कार्यशाला का आयोजन

By Prabhat Khabar News Desk | January 6, 2026 9:08 PM

सिमडेगा. समाज में बाल विवाह, डायन कुप्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन को लेकर झारखंड सरकार के मार्गदर्शन जिला प्रशासन द्वारा नगर भवन में अनुमंडल स्तरीय सुरक्षित व सशक्त महिला, बाल विवाह मुक्त झारखंड विषयक जागरूकता कार्यशाला हुई. कार्यशाला का उद्घाटन उपायुक्त कंचन सिंह, उपविकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, जिप अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग, जिप उपाध्यक्ष सोनी पाइकरा, डीएसपी रणवीर सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी प्रकाश रंजन ज्ञानी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बैजू उरांव एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सूरज मुन्नी कुमारी आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. अनुमंडल क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविकाएं व सहायिकाएं जिले के सभी प्रखंडों के बीडीओ, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के कर्मी उपस्थित थे. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त बाल विवाह, डायन कुप्रथा एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों से आमजन को अवगत कराना तथा उनके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास को सशक्त करना था. कार्यशाला में यह तथ्य साझा किया गया कि वर्तमान में सिमडेगा जिले में बाल विवाह की दर लगभग 16 प्रतिशत है, जो बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा व सर्वांगीण विकास के लिए गंभीर चुनौती है. कानूनन बालिकाओं के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष व बालकों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है. उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक कार्यशाला नहीं है, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक मजबूत व निर्णायक कदम है. कहा कि यह कोई संयोग नहीं है कि बाल विवाह, डायन कुप्रथा के उन्मूलन की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपी गयी है. सरकार के पास कई सशक्त, संसाधन व तकनीकी रूप से उन्नत विभाग हैं. लेकिन समाज की जड़ों तक पहुंच रखने वाला, घर-घर से जुड़ा हुआ विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग ही है. उपायुक्त ने सेविकाओं से कहा कि आप सभी इस विभाग की फ्रंटलाइन वर्कर्स हैं. सरकार ने आप पर समाज सुधार जैसी अत्यंत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. इसका कारण आपकी डिग्री नहीं, बल्कि आपका समर्पण, ईमानदारी, संवेदनशीलता और समाज के प्रति प्रतिबद्धता है. कहा कि बाल विवाह व डायन कुप्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के दुष्परिणामों को आप सबसे बेहतर समझती हैं, क्योंकि आप समाज के बीच रहती हैं. इस कारण सरकार चाहती है कि इस सामाजिक परिवर्तन की अगुवाई आप करें. उन्होंने विश्वास जताया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं के सहयोग से सिमडेगा जल्द बाल विवाह व डायन कुप्रथा से मुक्त जिला बनेगा. सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने का संकल्प दिलाया गया. उपायुक्त ने सभी नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की. कार्यशाला में झामुमो जिला सचिव शफीक खान, 20 सूत्री उपाध्यक्ष, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका, सेविका, सहायिका व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे. बाल विवाह सामाजिक अपराध : डीडीसी डीडसी दीपांकर चौधरी ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें बाल विवाह व डायन कुप्रथा जैसी दो गंभीर सामाजिक कुरीतियों पर एक साथ चर्चा की जा रही है. कहा कि बाल विवाह न केवल सामाजिक अपराध है, बल्कि यह पूर्ण रूप से गैरकानूनी है. इसके विरुद्ध प्रिवेंशन ऑफ चाइल्ड मैरिज एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो एक्ट जैसे कई सख्त कानून लागू हैं. इन कानूनों में किसी प्रकार की रियायत की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह में केवल अभिभावक ही नहीं, बल्कि इसमें शामिल सभी लोग, आयोजक, रिश्तेदार व सहयोगी दंड के भागी होते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इस अभियान के ब्रांड एम्बेसडर बनें और अपने गांव, मोहल्ले व परिवार में इन कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठायें. नशापान व अशिक्षा बाल विवाह का कारण :जिप अध्यक्ष जिप अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग ने कहा कि बाल विवाह का कारण अशिक्षा व नशापान है. नशापान परिवार को उजाड़ने का काम करता है. कार्यशाला को जिप उपाध्यक्ष सोनी कुमारी पैंकरा ने कहा की डायन प्रथा समाज को कलंकित करता है. महिला को समाज में जिंदा लाश की तरह जीन पड़ता है. कभी-कभी मृत्यु तक का दंश झेलना पड़ता है. उन्होंने ढुकू प्रथा को भी बाल विवाह का जिम्मेदार माना तथा उससे बचने के लिए माता पिता को जागरूक होने की बात कही. शपथ, सांस्कृतिक प्रस्तुति व पुस्तक का विमोचन : कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह मुक्त एवं डायन कुप्रथा मुक्त झारखंड बनाने की शपथ दिलायी गयी. गीत-संगीत एवं नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया. उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए तैयार की गयी दो पुस्तकों का विमोचन किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है