सिमडेगा. सांस्कृतिक निदेशालय पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद व युवा कार्य विभाग झारखंड सरकार के सौजन्य से प्रज्वलित विहार के तत्वावधान में सांस्कृतिक कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन जलडेगा प्रखंड के ओड़गा में किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में मुखिया मुकुट समद व विशिष्ट अतिथि के रूप में पार्वती शर्मा इंटर महिला कॉलेज के प्राचार्य सह छोटानागपुरी लोक संगीत नृत्य प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक सत्यव्रत ठाकुर, सारूबहार के ग्राम प्रधान रखवाल जोजो उपस्थित थे. कार्यक्रम का उदघाटन अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. मुखिया मुकुट समद ने जनजातीय नृत्य व गीत को बचाने की बात कही. सत्यव्रत ठाकुर ने झारखंडी संस्कृति के संवर्धन के लिए ऐसे कार्यक्रमों में कला संस्कृति विभाग के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए अखरा संस्कृति के संवर्धन के लिए युवक-युवतियों को आगे आने की बात कही. साथ ही डीजे संस्कृति से बचने पर जोर दिया. उरांव जनजाति की कलाकार अगस्ती टोप्पो ने जनजातीय संस्कृति के बारे बताते हुए कहा कि झारखंड में बोलना ही गीत है और चलना ही नृत्य है. इसे जीवंत करने के लिए सभी को एक अखरा में आने की बात कही. इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान प्रज्वलित विहार के सुषमा नायक के द्वारा एक से बढ़ कर एक नागपुरी गीत व नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित ग्रामीणों को झूमने पर मजबूर कर दिया. चक्रीय विकास संस्थान सिमडेगा के कलाकार खिलेश्वर सिंह, बिमला देवी और तनीषा देवी ने भी नागपुरी राग रागिनी पर आधारित गीत गाकर माहौल को होलियाना बना दिया. मौके पर मुंडारी नृत्य के साथ अन्य गीत भी प्रस्तुत किये गये. कार्यक्रम से पूर्व प्रज्वलित विहार के निदेशक आरआर मेहता ने अतिथियों का स्वागत शॉल ओढ़ा कर व बुके देकर किया गया. कार्यक्रम में समाजसेवी अभिनंदन सिंह, रोजगार सेवक सीता कुमारी आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रज्वलित विहार संस्था के सदस्यों की अहम भूमिका रही.
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