सिमडेगा. पालकोट प्रखंड के कुल्लूकेरा जामटोली में प्रकृति पर्व सरहुल धूमधाम से मनाया गया. मौके पर पूजा-अर्चना कर प्रकृति व धरती माता से सुख-समृद्धि व अच्छी फसल की कामना की गयी. इस अवसर पर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा. ढोल-नगाड़ों की थाप व पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति की गयी. साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले दल को पुरस्कृत किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में जिप सदस्य सह कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा उपस्थित थीं. उन्होंने कहा कि सरहुल हमारी संस्कृति, परंपरा व प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक है. यह हमें प्रकृति से जुड़े रहने और उसकी रक्षा करने का संदेश देता है. उन्होंने ग्रामीणों को एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया. मौके पर मुखिया धनेंद्र नगेड़िया, सुरेंद्र सिंह, निरस लकड़ा, प्रदीप सोरेंग, रोहित एक्का, कीर्ति केरकेट्टा, उर्मिला केरकेट्टा, प्रतिमा कुजूर, प्रतिमा, शांति तिर्की, शशि तिर्की, बजरंगी टोप्पो, जीतू मांझी, सचिन उरांव, दिव्या राम समेत अन्य ग्रामीण उपस्थित थे.
प्रकृति से जुड़ने का संदेश देता है सरहुल : जोसिमा
प्रकृति पर्व सरहुल मनाया गया
