सिमडेगाः मालसाड़ा के वनवासी कल्याण केंद्र की शैक्षिक इकाई श्री हरि वनवासी विकास समिति, रांची द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर वनदुर्गा, मालसाड़ा में गुरुवार को रक्षाबंधन महोत्सव हर्षोल्लास और भारतीय संस्कृति की गरिमा के साथ मनाया गया. कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय परिसर में किया गया.
प्रेम, विश्वास और सामाजिक एकता का पर्व है रक्षाबंधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य जगरनाथ सिंह ने रक्षाबंधन पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, सुरक्षा, संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश भी देता है.
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निबंध और मेहंदी प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा
इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहनों के बीच निबंध लेखन और मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता आयोजित की गई. निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रक्षाबंधन के महत्व, भारतीय संस्कृति और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते पर अपने विचार व्यक्त किए. वहीं, मेहंदी प्रतियोगिता में छात्राओं ने आकर्षक डिजाइनों के माध्यम से अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
पेड़-पौधों को राखी बांधकर लिया संरक्षण का संकल्प
रक्षाबंधन महोत्सव को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए विद्यालय के भैया-बहनों ने वनदुर्गा परिसर में स्थित पेड़-पौधों को भी रक्षा सूत्र बांधा. इस दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण की रक्षा और पेड़-पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया. इसके बाद भैया-बहनों ने एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं. पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह और आनंद का माहौल रहा.
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विद्यालय परिवार ने जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के बैठने के लिए श्री सत्यनारायण गोयल की ओर से दरी उपलब्ध कराई गई. विद्यालय परिवार ने सहयोग के लिए उनका आभार जताया. मौके पर प्रधानाचार्य जगरनाथ सिंह, देवकी कुमारी, जानकी सिंह, पद्मिनी कुमारी सहित विद्यालय के भैया-बहन उपस्थित थे.
