छह सूत्री मांग को लेकर सेविका-सहायिकाओं ने दिया धरना कहा- मांगें पूरी नहीं हुईं, तो जारी रहेगा धरना

सिमडेगा में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं ने अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया। सरकार से न्यूनतम वेतन और अन्य सुविधाओं की मांग की गई है।

सिमडेगा. अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ जिला इकाई के नेतृत्व में सोमवार को आंगनबाड़ी सेविका व सहायिकाओं ने समाहरणालय के समक्ष धरना दिया. जिले के सभी 10 प्रखंडों से बड़ी संख्या में सेविका-सहायिकाएं धरना में शामिल हुईं. धरना के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों को शीघ्र पूरा करने की आवाज बुलंद की गयी.

करती हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन

धरना को संबोधित करते हुए संघ के संगठन मंत्री रामचंद्र गोप ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं. इसके बावजूद उनकी मूलभूत समस्याओं व लंबित मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि संघ लगातार अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखता रहा है. उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मचारियों को मजदूर की श्रेणी में शामिल करते हुए न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रतिमाह मजदूरी देने की मांग प्रमुख से रखी. साथ ही इपीएफ, ग्रेच्युटी, बोनस, पेंशन व चिकित्सा सुविधा का लाभ देने की मांग की गयी.

ये भी पढ़ें: 78 साल बाद भी लोग लालटेन युग में जीने को विवश लोग, सिर्फ मीटर मिली बिजली नहीं

लंबे समय से कर रही हैं संघर्ष

सेविका-सहायिकाओं ने कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रही हैं. सरकार यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आनेवाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जायेगा. संघ ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक चरणबद्ध तरीके से धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ravikant

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >