सिमडेगा. पाकरटांड़ प्रखंड के गोंदलीपानी गांव में रविवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम सह जेठ जतरा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा उपस्थित थीं. कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ जोसिमा खाखा का स्वागत किया. मौके पर जोसिमा खाखा ने कहा कि जेठ जतरा केवल एक पर्व नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक की पहचान, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है. अपनी संस्कृति, भाषा और रीति-रिवाजों को सहेजकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है. जब तक हमारी परंपराएं जीवित रहेंगी, तब तक हमारी पहचान भी मजबूत बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना समय की आवश्यकता है. आधुनिकता के साथ-साथ अपनी विरासत और लोक संस्कृति को भी संजोकर रखना होगा. ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं. उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम नयी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं. कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्य-गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया. मौके पर प्रखंड अध्यक्ष अजीत लकड़ा, उर्मिल्ला केरकेट्टा, प्रतिमा कुजर, जोसेफ बिलुंग, मुखिया रेखा तिग्गा, मारियानुस तिगा, बसंत तिर्की, इंदु, मिखाइल एक्का, विश्वनाथ साहू, शिकारी किसान, दीपक सोरेंग, समिति के अध्यक्ष हीरा सिंह, विश्राम, ग्राम सभा अध्यक्ष सहित अन्य उपस्थित थे.
अपनी विरासत और संस्कृति को संजोकर रखें : जोसिमा खाखा
अपनी विरासत और संस्कृति को संजोकर रखें : जोसिमा खाखा
