सिमडेगा. बानो थाना क्षेत्र के गेनमेर पंचायत स्थित गेरदा पोस्ट ऑफिस में खाताधारकों की जमा राशि को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. कई खाताधारकों का आरोप है कि उनकी पासबुक में जमा राशि दर्ज है, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड में उतनी रकम नहीं दिख रही है. अब तक करीब 50 लाख रुपये की कथित गड़बड़ी सामने आने की बातें कही जा रही है. लोगों का कहना है कि उक्त गड़बड़ी एक करोड़ से भी उपर जायेगी. अब तक 97 खातों की जांच हुई है जबकि कई खातों की जांच अभी बाकी है.
तत्कालीन पोस्ट मास्टर आबिद मियां की मृत्यु के बाद मामला सामने आया
मामला तब सामने आया जब तत्कालीन पोस्ट मास्टर आबिद मियां की मृत्यु के बाद कुछ लोग अपने खाते से पैसे निकालने पहुंचे. खाताधारकों के अनुसार, पासबुक में जमा राशि की प्रविष्टियां और मुहर मौजूद हैं. लेकिन खाते में रकम विभागीय रिकॉर्ड से नहीं मिल रही है. इसके बाद अन्य ग्रामीण भी अपनी पासबुक लेकर जांच कराने पहुंचने लगे.
पासबुक में 93 हजार व विभागीय पंजी में तीन रुपये दर्ज है
गेरदा निवासी मोहमद दुरुल हसन ने बताया कि उन्होंने अपने खाते में करीब 93 हजार रुपये जमा किये थे. पासबुक में राशि दर्ज है. लेकिन खाते की जानकारी लेने पर मात्र तीन रुपये शेष होने की बातें बतायी गयी. उन्होंने कहा कि पत्नी के इलाज के लिए वेल्लोर जाने की तैयारी थी, लेकिन जमा राशि नहीं मिलने से परेशानी बढ़ गयी है.
पासबुक में अतिरिक्त पन्ने जोड़े गये
ग्रामीणों का आरोप है कि कई मामलों में पासबुक के पन्ने समाप्त होने पर नया पासबुक देने के बजाय अतिरिक्त पन्ने जोड़कर जमा राशि की प्रविष्टि की जाती थी. अब विभागीय रिकॉर्ड से मिलान में अंतर सामने आने की बातें कही जा रही है.
निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सभी खातों के सत्यापन और प्रभावित खाताधारकों की राशि वापस दिलाने की मांग की है. साथ ही लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि डाकघर में नियमित ऑडिट और निरीक्षण होता है, तो इतनी बड़ी कथित गड़बड़ी वर्षों तक सामने क्यों नहीं आयी. फिलहाल क्षेत्र के लोगों की नजर जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है. लोगों ने कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे लोग न्यायालय का सहारा भी लेंगे.
