बैंक लोन से पारिवारिक विवाद तक... सिमडेगा की लोक अदालत में इन मामलों पर हुई सुनवाई

सिमडेगा व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ. आपसी सुलह-समझौते के जरिए लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन किया गया.

सिमडेगा. शनिवार को सिमडेगा व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. इसका आयोजन झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सिमडेगा ने किया. लोक अदालत में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित एवं सरल तरीके से निपटाने पर ज़ोर दिया गया.

राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार राजीव कुमार सिन्हा, उपाध्यक्ष विधिक सेवा प्राधिकार सह उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक सह सदस्य श्रीकांत एस. खोटरे, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम तथा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने मिलकर दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत सिर्फ मामलों के निस्तारण का ज़रिया नहीं है, बल्कि न्याय को आम लोगों तक पहुंचाने का असरदार और मानवीय प्रयास है. लोक अदालत के ज़रिए पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है तथा आपसी बातचीत और सहमति से विवादों का शांतिपूर्ण समाधान मुमकिन होता है. इससे समय और पैसे की बचत के साथ सामाजिक सौहार्द एवं आपसी रिश्ते भी बने रहते हैं.

सात अलग-अलग बेंचों में हुई मामलों की सुनवाई

राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल सात बेंचों का गठन किया गया. इनमें बैंक लोन, मोटर वाहन दुर्घटना, बिजली, उत्पाद, पारिवारिक विवाद जैसे विभिन्न तरह के लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों की सुनवाई की गयी. पक्षकारों की सहमति के आधार पर मामलों को निपटाने की कार्रवाई की गयी.

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लोक अदालत में स्वास्थ्य जांच और पोषण जागरूकता का विशेष प्रबंध

लोक अदालत के दौरान व्यवहार न्यायालय परिसर में स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया. इसमें न्यायिक पदाधिकारियों, कोर्ट कर्मियों और आम नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई. वहीं जेएसएलपीएस की दीदियों की ओर से पोषण संबंधी जागरूकता के लिए स्टॉल लगाया गया, जहां लोगों को पोषण और स्वास्थ्य के बारे में जागरूक किया गया. स्वास्थ्य जांच शिविर में लगभग [अनुमानित संख्या] लोगों ने अपनी स्वास्थ्य जांच कराई, जिससे उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग होने में मदद मिली. पोषण जागरूकता स्टॉल पर लोगों को संतुलित आहार और उसके महत्व के बारे में बताया गया, जिससे कई लोगों ने अपने खान-पान में सुधार करने का संकल्प लिया.

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