कोलेबिरा. आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से कल्याण विभाग, सिमडेगा द्वारा सोमवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय कोलेबिरा के सभागार में मांदर-नगाड़ा विशेष वितरण समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के 17 धुमकुड़िया भवनों को पारंपरिक वाद्ययंत्र मांदर एवं नगाड़ा वितरित किये गये. यह कार्यक्रम कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया. जिसमें प्रत्येक धुमकुड़िया भवन को एक-एक मांदर और नगाड़ा उपलब्ध कराया गया. कार्यक्रम की शुरुआत जेएसएलपीएस महिला समूह की दीदियों द्वारा पारंपरिक गीत-संगीत एवं नृत्य के साथ अतिथियों के स्वागत से हुई. स्वागत भाषण में प्रखंड विकास पदाधिकारी अनूप कच्छप ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आदिवासी समाज की पारंपरिक संस्कृति, लोक कला और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करते हुए नयी पीढ़ी तक पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि धुमकुड़िया भवन सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र हैं, जहां युवाओं को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया जाता है. जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग ने कहा कि आदिवासी संस्कृति की पहचान उसके पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोकगीतों और नृत्यों में निहित है. सरकार की ऐसी पहलें सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी. कार्यक्रम का समापन मांदर, ढोल और नगाड़े की थाप पर सामूहिक नृत्य के साथ हुआ. कार्यक्रम का संचालन जेएसएलपीएस के बीपीएम अगापित लुगुन ने किया.
कोलेबिरा में 17 धुमकुड़िया भवनों को मांदर-नगाड़ा वितरित
कोलेबिरा में 17 धुमकुड़िया भवनों को मांदर-नगाड़ा वितरित
